शतभिषा · 27 में से नक्षत्र 24
शतभिषा नक्षत्र
शतभिषा चौबीसवां नक्षत्र है, जो कुंभ राशि के मध्य में स्थित है। इसके स्वामी राहु हैं और अधिष्ठाता वरुण देव हैं। इसका प्रतीक शून्य वृत्त है। शतभिषा आरोग्य, रहस्य, स्वतंत्रता और अपरंपरागत अनुसंधान का तारा है। जातक एकांतप्रिय, अन्वेषक, उपचारात्मक सोच वाले और स्वतंत्र विचारक होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- राहु
- प्रतीक
- शून्य वृत्त (सौ वैद्यों का मंडल)
- अधिष्ठाता देवता
- वरुण (ब्रह्मांडीय जल और व्यवस्था के देव)
- राशि विस्तार
- 6°40′–20°00′ कुंभ
- गण
- राक्षस गण
शतभिषा नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं
- एकांतप्रिय, गंभीर और स्वतंत्र
- नवाचारी और लीक से हटकर सोचने वाले
- उपचार और निदान में गहरी रुचि
- गूढ़ और गुप्त रहस्यों के जिज्ञासु
सकारात्मक शक्तियां
वैज्ञानिक, शोधकर्ता और चिकित्सक का मानस, स्वतंत्र, दूरदर्शी और जटिल रहस्यों व व्याधियों का समाधान खोजने में निपुण।
सुधार एवं विकास के क्षेत्र
अत्यधिक गोपनीयता या अकेलापन अलगाव ला सकता है; अपनों के साथ संवाद बनाए रखना हितकर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शतभिषा नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?
राहु शतभिषा नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 6°40′–20°00′ कुंभ है।
शतभिषा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?
शतभिषा नक्षत्र का प्रतीक शून्य वृत्त (सौ वैद्यों का मंडल) है, और इसके अधिष्ठाता देवता वरुण (ब्रह्मांडीय जल और व्यवस्था के देव) हैं।
मुझे कैसे पता चलेगा कि शतभिषा मेरा जन्म नक्षत्र है?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।