वैदिक काल-गणना
विंशोत्तरी महादशा
विंशोत्तरी दशा प्रणाली जीवन को कुल 120 वर्षों की नौ ग्रहीय अवधियों में विभाजित करती है। प्रत्येक महादशा जीवन के एक बड़े अध्याय की रूपरेखा तय करती है, जबकि उसके भीतर की अंतर्दशाएं घटनाओं का समय निर्धारित करती हैं। नीचे प्रत्येक महादशा की अवधि और उसके प्रभाव दिए गए हैं — किसी ग्रह की दशा का विस्तृत विवरण पढ़ें या दशा कैलकुलेटर से अपनी वर्तमान दशा जानें।
7 वर्ष
केतु महादशा
केतु महादशा 7 वर्ष तक चलती है और ध्यान को भीतर की ओर मोड़ती है, वैराग्य, गहन शोध, आध्यात्मिकता, और जो अब उपयोगी नहीं है उसे छोड़ना। इसका फल केतु के भाव, राशि और भावेश पर निर्भर करता है: शुभ स्थिति में यह अंतर्दृष्टि और कौशल को निखारती है; पीड़ित होने पर दिशाहीनता या अचानक बदलाव का अनुभव हो सकता है।
दशा का विवरण20 वर्ष
शुक्र महादशा
शुक्र महादशा 20 वर्ष की सबसे लंबी अवधि होती है और सामान्यतः अत्यंत सुखद मानी जाती है। यह संबंधों, विवाह, सुख-सुविधाओं, कला और भौतिक समृद्धि के लिए अनुकूल होती है। यह कितना समृद्ध फल देती है, यह कुंडली में शुक्र के बल और भाव पर निर्भर करता है; बलवान होने पर यह जीवन के सर्वश्रेष्ठ कालों में से एक होती है।
दशा का विवरण6 वर्ष
सूर्य महादशा
सूर्य महादशा 6 वर्ष की एक संक्षिप्त किंतु प्रभावशाली अवधि है जो अधिकार, सामाजिक स्थिति, मान-सम्मान और जीवन-ऊर्जा पर केंद्रित होती है। बलवान सूर्य करियर और प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देता है; कमजोर या पीड़ित सूर्य अहंकार के टकराव या वरिष्ठों के साथ मतभेद ला सकता है।
दशा का विवरण10 वर्ष
चंद्रमा महादशा
चंद्र महादशा 10 वर्ष तक चलती है और जीवन को मन व भावनाओं के माध्यम से प्रभावित करती है, मनोदशा, पोषण, माता, जनसंपर्क और गृह-सुख। शुक्ल पक्ष का बलवान चंद्रमा मानसिक स्थिरता और लोकप्रियता लाता है; कृष्ण पक्ष का या पीड़ित चंद्रमा मनोदशा में उतार-चढ़ाव और बेचैनी ला सकता है।
दशा का विवरण7 वर्ष
मंगल महादशा
मंगल महादशा 7 वर्ष चलती है और उत्साह, साहस व कर्म करने की शक्ति लाती है, संपत्ति, भाई, प्रतियोगिता और पहल। बलवान मंगल इस ऊर्जा को सफलता और दृढ़ निर्णयों में बदलता है; पीड़ित मंगल क्रोध, जल्दबाजी या अनावश्यक विवादों की ओर ले जा सकता है।
दशा का विवरण18 वर्ष
राहु महादशा
राहु महादशा 18 वर्ष चलती है और जिस क्षेत्र को छूती है उसे विस्तृत करती है, महत्वाकांक्षा, विदेशी परिवेश, लीक से हटकर रास्ते, तथा अचानक उत्थान। यह स्वतः शुभ या अशुभ नहीं है: शुभ स्थिति में राहु अप्रत्याशित सांसारिक सफलता देता है; पीड़ित होने पर भ्रम और अत्यधिक जोखिम की स्थिति बनती है।
दशा का विवरण16 वर्ष
गुरु (बृहस्पति) महादशा
गुरु महादशा 16 वर्ष चलती है और यह विकास, विवेक और सौभाग्य की क्लासिक अवधि है, धन, संतान, विद्या और धर्म। परम शुभ ग्रह होने के नाते मध्यम स्थिति का गुरु भी सुरक्षा और विस्तार देता है; बलवान होने पर यह कुंडली के सबसे भाग्यशाली कालों में से एक बनता है।
दशा का विवरण19 वर्ष
शनि महादशा
शनि महादशा 19 वर्ष चलती है और इसे जीवन का महान शिक्षक माना जाता है, अनुशासन, उत्तरदायित्व, कठिन परिश्रम, और धीमा किंतु स्थायी प्रतिफल। यह सहनशीलता की परीक्षा लेती है और अस्थिरता को दूर करती है। कई लग्नों के लिए शनि योगकारक होकर एक सुदृढ़ निर्माण काल सिद्ध होता है।
दशा का विवरण17 वर्ष
बुध महादशा
बुध महादशा 17 वर्ष चलती है और बुद्धि के क्षेत्रों का पोषण करती है, संचार, व्यापार, शिक्षा, विश्लेषण और वाणिज्य। बलवान बुध तीव्र सोच, व्यापारिक सफलता और वाकपटुता देता है; पीड़ित बुध एकाग्रता में भटकाव या मानसिक तनाव ला सकता है।
दशा का विवरण
दशाओं के बारे में नए हैं? पहले अंतर्दशा बनाम महादशा पढ़ें, फिर क्या राहु महादशा शुभ है या अशुभ देखें।