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पूर्वाभाद्रपद · 27 में से नक्षत्र 25

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र

पूर्वाभाद्रपद पच्चीसवां नक्षत्र है, जो कुंभ और मीन राशि को जोड़ता है। इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं और अधिष्ठाता अज एकपाद हैं। इसका प्रतीक दो मुखी पुरुष है। यह प्रखरता, उच्च आदर्श, दूरदर्शिता और आध्यात्मिक रूपांतरण का तारा है। जातक भावुक, दूरदर्शी, अपरंपरागत और गंभीर विचारक होते हैं।

स्वामी ग्रह
गुरु
प्रतीक
दो मुखी मनुष्य या खटिया के आगे के पाये
अधिष्ठाता देवता
अज एकपाद (रुद्र रूप)
राशि विस्तार
20°00′ कुंभ – 3°20′ मीन
गण
मनुष्य गण

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं

  • प्रखर, उत्साही और आध्यात्मिक दृष्टि
  • उच्च आदर्शवादी और दूरदर्शी
  • अपरंपरागत और गहरे विचारक
  • गूढ़ और दार्शनिक सत्यों के प्रति समर्पित

सकारात्मक शक्तियां

अग्नि तुल्य आदर्शवाद और दूरदर्शी अंतर्दृष्टि, गहन चिंतन और परिवर्तनकारी संकल्प लेने का सामर्थ्य।

सुधार एवं विकास के क्षेत्र

अत्यधिक प्रखरता कभी-कभी चिंता या अतिवाद में बदल सकती है; व्यावहारिक संतुलन दृष्टि को साकार करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?

गुरु पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 20°00′ कुंभ – 3°20′ मीन है।

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रतीक दो मुखी मनुष्य या खटिया के आगे के पाये है, और इसके अधिष्ठाता देवता अज एकपाद (रुद्र रूप) हैं।

मुझे कैसे पता चलेगा कि पूर्वाभाद्रपद मेरा जन्म नक्षत्र है?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।

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