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विशाखा · 27 में से नक्षत्र 16

विशाखा नक्षत्र

विशाखा सोलहवां नक्षत्र है, जो तुला और वृश्चिक राशि को जोड़ता है। इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं और अधिष्ठाता इन्द्राग्नि हैं। इसका प्रतीक विजय द्वार है। विशाखा एकाग्र महत्वाकांक्षा, दृढ़ संकल्प और लक्ष्य-प्राप्ति का तारा है। जातक ऊर्जावान, लक्ष्य-उन्मुख, धैर्यवान और असाधारण सफलता पाने में सक्षम होते हैं।

स्वामी ग्रह
गुरु
प्रतीक
तोरण द्वार (विजय द्वार)
अधिष्ठाता देवता
इन्द्राग्नि (इंद्र और अग्नि देव)
राशि विस्तार
20°00′ तुला – 3°20′ वृश्चिक
गण
राक्षस गण

विशाखा नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं

  • लक्ष्य के प्रति समर्पित और महत्वाकांक्षी
  • दृढ़ संकल्पी और धैर्यवान
  • एकाग्र और प्रतिस्पर्धी
  • उपलब्धि और सफलता की प्रबल चाह

सकारात्मक शक्तियां

लक्ष्य पर अर्जुन जैसी एकाग्र दृष्टि और उसे पाने का धैर्य, कठिन परिश्रम से ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने का सामर्थ्य।

सुधार एवं विकास के क्षेत्र

लक्ष्य के पीछे भागते समय दूसरों से ईर्ष्या या अधीरता से बचना चाहिए; यात्रा का आनंद लेना संतुलन लाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखा नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?

गुरु विशाखा नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 20°00′ तुला – 3°20′ वृश्चिक है।

विशाखा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?

विशाखा नक्षत्र का प्रतीक तोरण द्वार (विजय द्वार) है, और इसके अधिष्ठाता देवता इन्द्राग्नि (इंद्र और अग्नि देव) हैं।

मुझे कैसे पता चलेगा कि विशाखा मेरा जन्म नक्षत्र है?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।

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