स्वाति · 27 में से नक्षत्र 15
स्वाति नक्षत्र
स्वाति पंद्रहवां नक्षत्र है, जो तुला राशि के मध्य में स्थित है। इसके स्वामी राहु हैं और अधिष्ठाता वायु देव हैं। इसका प्रतीक हवा में झुकता नन्हा पौधा है। स्वाति स्वतंत्रता, संतुलन, गतिशीलता और अनुकूलनशीलता का तारा है। जातक स्वावलंबी, कूटनीतिक, न्यायप्रिय और स्वतंत्रता-प्रेमी होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- राहु
- प्रतीक
- हवा में झूलता नन्हा अंकुर
- अधिष्ठाता देवता
- वायु (पवन देव)
- राशि विस्तार
- 6°40′–20°00′ तुला
- गण
- देव गण
स्वाति नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं
- स्वतंत्र और आत्मनिर्भर
- लचीले और परिस्थितियों के अनुकूल ढलने वाले
- कूटनीतिक, निष्पक्ष और न्यायप्रिय
- स्वतंत्रता और व्यक्तिगत गरिमा के प्रेमी
सकारात्मक शक्तियां
सहज स्वतंत्रता और लचीलापन, बिना टूटे झुकना, विपरीत धाराओं में संतुलन साधना और निर्बाध प्रगति करना।
सुधार एवं विकास के क्षेत्र
अत्यधिक स्वतंत्रता कभी-कभी अनिर्णय या भटकाव ला सकती है; स्थिरता और प्रतिबद्धता इसे सही दिशा देते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्वाति नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?
राहु स्वाति नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 6°40′–20°00′ तुला है।
स्वाति नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?
स्वाति नक्षत्र का प्रतीक हवा में झूलता नन्हा अंकुर है, और इसके अधिष्ठाता देवता वायु (पवन देव) हैं।
मुझे कैसे पता चलेगा कि स्वाति मेरा जन्म नक्षत्र है?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।