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आर्द्रा · 27 में से नक्षत्र 6

आर्द्रा नक्षत्र

आर्द्रा छठा नक्षत्र है, जो मिथुन राशि के मध्य में स्थित है। इसके स्वामी राहु हैं और अधिष्ठाता भगवान रुद्र हैं। इसका प्रतीक अश्रु बिंदु या हीरा है। आर्द्रा पुराने बंधनों को तोड़कर नए सृजन का मार्ग प्रशस्त करने वाली परिवर्तनकारी शक्ति है। जातक तीव्र बुद्धि वाले, भावुक, खोजी और कठिन सत्यों से न घबराने वाले होते हैं।

स्वामी ग्रह
राहु
प्रतीक
अश्रु (आंसू) की बूंद या हीरा
अधिष्ठाता देवता
रुद्र (तूफान और रूपांतरण के देव)
राशि विस्तार
6°40′–20°00′ मिथुन
गण
मनुष्य गण

आर्द्रा नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं

  • गहन, तीक्ष्ण और विश्लेषणात्मक बुद्धि
  • भावनात्मक रूप से प्रखर और संवेदनशील
  • पुरातन को हटाकर नया निर्माण करने वाले
  • गंभीर और गूढ़ विषयों के प्रति समर्पित

सकारात्मक शक्तियां

गहन अंतर्दृष्टि, अनुसंधान क्षमता और विकट चुनौतियों का सामना कर नवीन ऊर्जा का संचार करने का अद्भुत साहस।

सुधार एवं विकास के क्षेत्र

तीव्र भावनाएं कभी-कभी मानसिक उथल-पुथल या अशांति ला सकती हैं; आंतरिक शांति और संतुलन साधना आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?

राहु आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 6°40′–20°00′ मिथुन है।

आर्द्रा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?

आर्द्रा नक्षत्र का प्रतीक अश्रु (आंसू) की बूंद या हीरा है, और इसके अधिष्ठाता देवता रुद्र (तूफान और रूपांतरण के देव) हैं।

मुझे कैसे पता चलेगा कि आर्द्रा मेरा जन्म नक्षत्र है?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।

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