उत्तराभाद्रपद · 27 में से नक्षत्र 26
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र
उत्तराभाद्रपद छब्बीसवां नक्षत्र है, जो मीन राशि के मध्य में स्थित है। इसके स्वामी शनि हैं और अधिष्ठाता अहिर्बुध्न्य हैं। इसका प्रतीक खटिया के पिछले पाये हैं। यह शांत चित्त, गहन विवेक और आंतरिक शक्ति का तारा है। जातक शांत, ज्ञानी, दयालु और दबाव में भी धैर्य बनाए रखने वाले होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- शनि
- प्रतीक
- जुड़वां या खटिया के पिछले पाये
- अधिष्ठाता देवता
- अहिर्बुध्न्य (गहराइयों के दिव्य सर्प)
- राशि विस्तार
- 3°20′–16°40′ मीन
- गण
- मनुष्य गण
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं
- शांत, गंभीर और स्थिर चित्त
- ज्ञानी, विवेकशील और करुणावान
- कठिन परिस्थितियों में भी अविचलित
- गहन और अंतर्मुखी स्वभाव
सकारात्मक शक्तियां
गहन, अगाध विवेक और करुणा, दूसरों को शांति और संबल देने वाली एक स्थिर और मजबूत उपस्थिति।
सुधार एवं विकास के क्षेत्र
अत्यधिक शांति कभी-कभी वैराग्य या निष्क्रियता ला सकती है; सांसारिक कर्मों में सक्रिय भागीदारी इसे जीवंत रखती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?
शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 3°20′–16°40′ मीन है।
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का प्रतीक जुड़वां या खटिया के पिछले पाये है, और इसके अधिष्ठाता देवता अहिर्बुध्न्य (गहराइयों के दिव्य सर्प) हैं।
मुझे कैसे पता चलेगा कि उत्तराभाद्रपद मेरा जन्म नक्षत्र है?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।