धनिष्ठा · 27 में से नक्षत्र 23
धनिष्ठा नक्षत्र
धनिष्ठा तेईसवां नक्षत्र है, जो मकर और कुंभ राशि को जोड़ता है। इसके स्वामी मंगल हैं और अधिष्ठाता अष्ट वसु हैं। इसका प्रतीक मृदंग या बांसुरी है। धनिष्ठा लय, समृद्धि, संगीत और सामूहिक सफलता का तारा है। जातक ऊर्जावान, साधन-संपन्न, कलाप्रेमी और कुशल टीम लीडर होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- मंगल
- प्रतीक
- मृदंग (डमरू) या बांसुरी
- अधिष्ठाता देवता
- अष्ट वसु (समृद्धि और प्रकृति के देव)
- राशि विस्तार
- 23°20′ मकर – 6°40′ कुंभ
- गण
- राक्षस गण
धनिष्ठा नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं
- ऊर्जावान, चुस्त और समय के पाबंद
- समृद्ध, साधन-संपन्न और महत्वाकांक्षी
- संगीत, नृत्य या कला के प्रेमी
- समूह में मिलकर कार्य करने में कुशल
सकारात्मक शक्तियां
समय और लय की स्वाभाविक समझ, सामूहिक कार्यों, संगीत, वाणिज्य और भौतिक समृद्धि में अप्रतिम सफलता।
सुधार एवं विकास के क्षेत्र
धन या प्रतिष्ठा की अत्यधिक चाह भौतिकतावाद ला सकती है; उदारता और सेवा संगीत को आनंदमय बनाए रखते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?
मंगल धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 23°20′ मकर – 6°40′ कुंभ है।
धनिष्ठा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?
धनिष्ठा नक्षत्र का प्रतीक मृदंग (डमरू) या बांसुरी है, और इसके अधिष्ठाता देवता अष्ट वसु (समृद्धि और प्रकृति के देव) हैं।
मुझे कैसे पता चलेगा कि धनिष्ठा मेरा जन्म नक्षत्र है?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।