पंचांग अंग · 2/5 · उज्जैन
आज का नित्य योग, 27 शास्त्रीय योग
पंचांग में योग सूर्य और चंद्रमा के स्पष्ट भोगांश के योग से बनता है। कुल 27 नित्य योग होते हैं, जिनमें से कुछ अत्यंत शुभ (जैसे आयुष्मान, सौभाग्य, सुकर्मा) और कुछ अशुभ (जैसे विषकुंभ, व्याघात, व्यतीपात, वैधृति) माने जाते हैं।
Saturday · 10 Oct 2026 · उज्जैन · सूर्योदय 6:21 AM · सूर्यास्त 6:06 PM
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27 नित्य योगों की संरचना
सूर्य और चंद्रमा के कुल योग में प्रत्येक 13 अंश 20 कला (800 कला) पर एक योग बनता है। विष्कम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगंड, सुकर्मा, धृति, शूल, गंड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, असृक (सिद्धि), व्यतीपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र और वैधृति।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
पंचांग योग क्या है?
यह सूर्य और चंद्रमा की गति के संयुक्त प्रभाव से बनने वाला कालखंड है, जो दिन की समग्र ऊर्जा को दर्शाता है।
कौन से योग अशुभ माने जाते हैं?
विषकुंभ, अतिगंड, शूल, गंड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ और वैधृति के प्रारंभिक भाग को विशेष रूप से त्याज्य माना जाता है।
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