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पंचांग अंग · 1/5 · उज्जैन

आज की तिथि, चंद्र दिवस एवं समाप्ति काल

तिथि चंद्र पंचांग का मूल आधार है। सूर्य और चंद्रमा के बीच प्रत्येक 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहा जाता है। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में।

Saturday · 10 Oct 2026 · उज्जैन · सूर्योदय 6:21 AM · सूर्यास्त 6:06 PM

Krishna Amavasya
तिथि
Krishna Amavasya
Paksha
Krishna (waning)
Group
Purna
तक
9:20 PM
तत्पश्चात
Shukla Pratipada

All thirty tithis

  • Pratipada
    Nanda
  • Dwitiya
    Bhadra
  • Tritiya
    Jaya
  • Chaturthi
    Rikta
  • Panchami
    Purna
  • Shashthi
    Nanda
  • Saptami
    Bhadra
  • Ashtami
    Jaya
  • Navami
    Rikta
  • Dashami
    Purna
  • Ekadashi
    Nanda
  • Dwadashi
    Bhadra
  • Trayodashi
    Jaya
  • Chaturdashi
    Rikta
  • Purnima / Amavasya
    Purna
Nanda
Joyful — celebrations, prosperity, festivity (1, 6, 11).
Bhadra
Wholesome — health, work, steady effort (2, 7, 12).
Jaya
Victorious — competition, confrontation, success (3, 8, 13).
Rikta
Empty — classically set aside for new beginnings (4, 9, 14).
Purna
Full — completion, fulfilment, important work (5, 10, 15).

शुक्ल और कृष्ण पक्ष

अमावस्या के बाद चंद्रमा के बढ़ने का काल शुक्ल पक्ष कहलाता है जो पूर्णिमा पर समाप्त होता है। पूर्णिमा के बाद चंद्रमा के घटने का काल कृष्ण पक्ष कहलाता है जो अमावस्या पर समाप्त होता है।

नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता और पूर्णा

तिथियों को उनके फल के आधार पर 5 श्रेणियों में बाँटा गया है: नंदा (1, 6, 11), भद्रा (2, 7, 12), जया (3, 8, 13), रिक्ता (4, 9, 14 - शुभ कार्यों में वर्जित) और पूर्णा (5, 10, 15/30)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

तिथि की गणना कैसे होती है?

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर के बीच जब 12 डिग्री का अंतर बढ़ता है, तो एक तिथि पूर्ण होती है।

उदया तिथि क्या है?

सूर्योदय के समय जो तिथि उपस्थित होती है, उसे उदया तिथि कहते हैं। अधिकांश व्रत और पर्व उदया तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं।

पंचांग के अन्य अंग

प्रमुख भारतीय शहरों के लिए आज की तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त समय।