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पंचांग अंग · 4/5 · उज्जैन

आज का वार, सप्ताह का दिन, स्वामी ग्रह एवं दिशा शूल

वार (वासर) सप्ताह का दिन होता है। वैदिक पंचांग में दिन की गणना मध्यरात्रि से नहीं, बल्कि सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होती है। प्रत्येक वार का एक स्वामी ग्रह होता है जो उस दिन की प्रकृति तय करता है।

Saturday · 10 Oct 2026 · उज्जैन · सूर्योदय 6:21 AM · सूर्यास्त 6:06 PM

वार
Saturday
Sanskrit
Shanivara
Lord
Saturn
दिशा शूल
East

The seven weekdays

  • Sunday
    Ravivāra · Sun
  • Monday
    Somavāra · Moon
  • Tuesday
    Mangalavāra · Mars
  • Wednesday
    Budhavāra · Mercury
  • Thursday
    Guruvāra · Jupiter
  • Friday
    Shukravāra · Venus
  • Saturday
    Shanivāra · Saturn

वार और स्वामी ग्रह

रविवार (सूर्य), सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि)।

दिशा शूल क्या है?

दिशा शूल वह दिशा है जिस दिशा में किसी विशिष्ट वार को यात्रा करना अशुभ माना जाता है। जैसे रविवार और शुक्रवार को पश्चिम दिशा, सोमवार और शनिवार को पूर्व दिशा, मंगलवार और बुधवार को उत्तर दिशा, गुरुवार को दक्षिण दिशा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

वैदिक वार कब से शुरू होता है?

वैदिक वार सूर्योदय से प्रारंभ होकर अगले दिन के सूर्योदय तक रहता है।

दिशा शूल का क्या उपाय है?

यदि उस दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो शास्त्रीय रूप से कुछ विशेष वस्तुओं (जैसे रविवार को पान, सोमवार को दर्पण, मंगलवार को गुड़) का सेवन करके प्रस्थान करने का रिवाज है।

पंचांग के अन्य अंग

प्रमुख भारतीय शहरों के लिए आज की तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त समय।