उत्तरा फाल्गुनी · 27 में से नक्षत्र 12
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी बारहवां नक्षत्र है, जो सिंह और कन्या राशि को जोड़ता है। इसके स्वामी सूर्य हैं और अधिष्ठाता अर्यमा देव हैं। इसका प्रतीक शय्या के पिछले पाये हैं। यह साझेदारी, उदारता, मैत्री और विश्वसनीय संबंधों का तारा है। जातक दयालु, वचनबद्ध, सुव्यवस्थित और दीर्घकालिक संबंध निभाने में कुशल होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- सूर्य
- प्रतीक
- शय्या (चारपाई) के पिछले पाये
- अधिष्ठाता देवता
- अर्यमा (मैत्री, संधि और वचनबद्धता के देव)
- राशि विस्तार
- 26°40′ सिंह – 10°00′ कन्या
- गण
- मनुष्य गण
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं
- विश्वसनीय, कर्तव्यनिष्ठ और वचनबद्ध
- उदार, परोपकारी और स्नेही
- साझेदारी और सहयोग में निपुण
- सुव्यवस्थित और मददगार
सकारात्मक शक्तियां
सच्ची उदारता और विश्वसनीयता, स्थायी मित्रता, वैवाहिक सुख और सामाजिक गठबंधन बनाने में अत्यंत कुशल।
सुधार एवं विकास के क्षेत्र
सदा दूसरों की सहायता करने की धुन में स्वयं की उपेक्षा हो सकती है; स्वस्थ सीमाएं बनाना सहायक रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?
सूर्य उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 26°40′ सिंह – 10°00′ कन्या है।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रतीक शय्या (चारपाई) के पिछले पाये है, और इसके अधिष्ठाता देवता अर्यमा (मैत्री, संधि और वचनबद्धता के देव) हैं।
मुझे कैसे पता चलेगा कि उत्तरा फाल्गुनी मेरा जन्म नक्षत्र है?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।