उत्तराषाढ़ा · 27 में से नक्षत्र 21
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा इक्कीसवां नक्षत्र है, जो धनु और मकर राशि को जोड़ता है। इसके स्वामी सूर्य हैं और अधिष्ठाता विश्वेदेवा हैं। इसका प्रतीक हाथी का दांत है। यह "अंतिम विजय", सत्यनिष्ठा, धैर्य और दीर्घकालिक परिश्रम से अर्जित सफलता का तारा है। जातक सिद्धांतप्रिय, जिम्मेदार, महत्वाकांक्षी और सर्वत्र सम्मानित होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- सूर्य
- प्रतीक
- हाथी का दांत
- अधिष्ठाता देवता
- विश्वेदेवा (सर्वदेवगण)
- राशि विस्तार
- 26°40′ धनु – 10°00′ मकर
- गण
- मनुष्य गण
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं
- सिद्धांतवादी, कर्तव्यनिष्ठ और जिम्मेदार
- धैर्यवान और सुदृढ़ महत्वाकांक्षा
- सत्यनिष्ठ और समाज में सम्मानित
- चरित्र और सदाचार से नेतृत्व करने वाले
सकारात्मक शक्तियां
सच्चाई और परिश्रम की नींव पर बनी स्थायी सफलता, ऐसी उपलब्धि जो जीवन भर अटूट रहती है।
सुधार एवं विकास के क्षेत्र
कर्तव्य और सिद्धांतों का अत्यधिक बोझ मानसिक थकान दे सकता है; विश्राम और लचीलापन जीवन को सहज बनाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?
सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 26°40′ धनु – 10°00′ मकर है।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रतीक हाथी का दांत है, और इसके अधिष्ठाता देवता विश्वेदेवा (सर्वदेवगण) हैं।
मुझे कैसे पता चलेगा कि उत्तराषाढ़ा मेरा जन्म नक्षत्र है?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।