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कृत्तिका · 27 में से नक्षत्र 3

कृत्तिका नक्षत्र

कृत्तिका तीसरा नक्षत्र है, जो अंतिम मेष और प्रारंभिक वृषभ राशि को जोड़ता है। इसके स्वामी सूर्य हैं और अधिष्ठाता अग्नि देव हैं। इसका प्रतीक उस्तरा या ज्वाला है। कृत्तिका तीव्र, पावक और महत्वाकांक्षी ऊर्जा है जो असत्य को भस्म कर देती है। जातक स्पष्टवादी, स्वाभिमानी, रक्षक और अत्यंत एकाग्र होते हैं।

स्वामी ग्रह
सूर्य
प्रतीक
उस्तरा या अग्नि की लौ
अधिष्ठाता देवता
अग्नि (अग्नि देव)
राशि विस्तार
26°40′ मेष – 10°00′ वृषभ
गण
राक्षस गण

कृत्तिका नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं

  • तीक्ष्ण, एकाग्र और उच्च महत्वाकांक्षी
  • स्पष्टवादी और सत्यनिष्ठ
  • दूसरों के प्रति संरक्षी भाव
  • सत्य की तह तक पहुंचने वाला पावक स्वभाव

सकारात्मक शक्तियां

स्पष्ट दृष्टि, असीम साहस और असंगत व अनुपयोगी तत्वों को दूर कर रक्षा व परिष्कार करने की अद्भुत क्षमता।

सुधार एवं विकास के क्षेत्र

अत्यधिक स्पष्टवादिता कभी-कभी कठोरता या अधीरता जैसी लग सकती है; वाणी में मिठास और धैर्य इसे और प्रभावी बनाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृत्तिका नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?

सूर्य कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 26°40′ मेष – 10°00′ वृषभ है।

कृत्तिका नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?

कृत्तिका नक्षत्र का प्रतीक उस्तरा या अग्नि की लौ है, और इसके अधिष्ठाता देवता अग्नि (अग्नि देव) हैं।

मुझे कैसे पता चलेगा कि कृत्तिका मेरा जन्म नक्षत्र है?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।

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