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पूर्वा फाल्गुनी · 27 में से नक्षत्र 11

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र

पूर्वा फाल्गुनी ग्यारहवां नक्षत्र है, जो सिंह राशि के मध्य में स्थित है। इसके स्वामी शुक्र हैं और अधिष्ठाता भग देव हैं। इसका प्रतीक शय्या के अग्र पाये हैं। यह आनंद, विश्राम, प्रेम, रचनात्मकता और उत्सव का तारा है। जातक मिलनसार, उदार, आकर्षक, कलाप्रेमी और जीवन का आनंद लेने वाले होते हैं।

स्वामी ग्रह
शुक्र
प्रतीक
शय्या (चारपाई) के आगे के पाये
अधिष्ठाता देवता
भग (आनंद, प्रेम और ऐश्वर्य के देव)
राशि विस्तार
13°20′–26°40′ सिंह
गण
मनुष्य गण

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं

  • स्नेही, मिलनसार और करिश्माई
  • प्रसन्नचित्त और आनंदप्रिय
  • रचनात्मक, सुरुचिपूर्ण और रोमांटिक
  • उदार हृदय और सामाजिक

सकारात्मक शक्तियां

जीवन का आनंद लेने, रचनात्मक कला और दूसरों को सहज व प्रसन्न अनुभव कराने का स्वाभाविक आकर्षण।

सुधार एवं विकास के क्षेत्र

सुख-सुविधाओं और आमोद-प्रमोद में अत्यधिक लिप्त होने से आलस्य आ सकता है; संतुलन इस ऊर्जा को सृजनात्मक बनाए रखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?

शुक्र पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 13°20′–26°40′ सिंह है।

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रतीक शय्या (चारपाई) के आगे के पाये है, और इसके अधिष्ठाता देवता भग (आनंद, प्रेम और ऐश्वर्य के देव) हैं।

मुझे कैसे पता चलेगा कि पूर्वा फाल्गुनी मेरा जन्म नक्षत्र है?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।

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