वर्जित काल · उज्जैन
आज का राहु काल, अशुभ समय एवं नियम
राहु काल दिन के आठ भागों में से एक भाग (लगभग 90 मिनट) होता है जो राहु के प्रभाव में माना जाता है। इस अवधि में नए उद्यम, महत्वपूर्ण निर्णय, विवाह, गृह प्रवेश या नवीन खरीदारी से बचने की परंपरा है।
Saturday · 10 Oct 2026 · उज्जैन · सूर्योदय 6:21 AM · सूर्यास्त 6:06 PM
राहु काल
9:17 AM – 10:45 AM
यमगंड
1:41 PM – 3:09 PM
गुलिक काल
6:21 AM – 7:49 AM
Daylight, nightfall and the windows to plan around.
- Sunrise
- 06:21Day begins
- Sunset
- 18:06Night begins
- Next sunrise
- 06:21Tomorrow
Times to avoid
Pause new ventures- राहु काल09:17–10:45
- यमगंड13:41–15:09
- गुलिक काल06:21–07:49
राहु काल की गणना कैसे होती है?
दिनमान (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 8 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक वार को एक निश्चित भाग राहु काल कहलाता है (जैसे सोमवार को दूसरा भाग, रविवार को आठवाँ भाग)।
राहु काल में क्या करें और क्या न करें?
राहु काल में पूर्व-निर्धारित दैनिक दिनचर्या चलती रह सकती है। केवल नए अनुष्ठान, यात्रा का आरंभ, अनुबंध पर हस्ताक्षर या महत्वपूर्ण सौदों को इस समय शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राहु काल क्या है?
राहु काल दिन का लगभग 90 मिनट का वह समय है जिसे किसी भी नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए शास्त्रीय रूप से वर्जित माना गया है।
क्या राहु काल में चल रहे कार्य रोक देने चाहिए?
नहीं, पहले से चल रहे नियमित कार्यों को रोकने की आवश्यकता नहीं है; केवल नए कार्य के आरंभ से बचना चाहिए।
गुलिक काल और यमघंट क्या हैं?
राहु काल की तरह ही यमघंट और गुलिक काल भी दिन के विशिष्ट ग्रह-भाग हैं। गुलिक काल को कुछ परंपराओं में शुभ कार्यों के लिए अनुकूल भी माना जाता है।
अन्य दैनिक साधन
शहर अनुसार दैनिक पंचांग
प्रमुख भारतीय शहरों के लिए आज की तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त समय।