मुहूर्त साधन · उज्जैन
आज का चौघड़िया, दिन और रात का समय
चौघड़िया दिन और रात को लगभग 1.5 घंटे के 16 कालखंडों में विभाजित करने वाली एक शास्त्रीय वैदिक मुहूर्त प्रणाली है। प्रत्येक कालखंड पर एक ग्रह का आधिपत्य होता है और उसका अपना फल (शुभ, लाभ, अमृत, चर, रोग, काल, उद्वेग) होता है।
Saturday · 10 Oct 2026 · उज्जैन · सूर्योदय 6:21 AM · सूर्यास्त 6:06 PM
- अमृत · शुभ · लाभ: शुभ
- चर: सामान्य
- रोग · काल · उद्वेग: वर्जित
सात प्रकार के चौघड़िया
चौघड़िया सात प्रकार के होते हैं: अमृत (सर्वश्रेष्ठ), शुभ (उत्तम), लाभ (लाभकारी), चर (गतिशील/यात्रा हेतु शुभ), उद्वेग (अशुभ/चिंताजनक), काल (हानिकारक) और रोग (कष्टकारी)। अमृत, शुभ और लाभ किसी भी नए कार्य के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं।
दिन और रात का चौघड़िया कैसे विभाजित होता है?
दिन का चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 8 बराबर भागों में बाँटकर बनता है। इसी प्रकार सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के समय को 8 बराबर भागों में बाँटकर रात का चौघड़िया बनता है। वार के अनुसार पहले चौघड़िया का स्वामी तय होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया वैदिक ज्योतिष की एक मुहूर्त प्रणाली है जो दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटकर शुभ और अशुभ समय दर्शाती है।
सबसे शुभ चौघड़िया कौन सा है?
अमृत, शुभ और लाभ सबसे श्रेष्ठ और शुभ चौघड़िया माने जाते हैं। यात्रा के लिए चर भी शुभ होता है।
क्या चौघड़िया हर शहर के लिए अलग होता है?
हाँ, क्योंकि चौघड़िया स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर आधारित होता है, इसलिए हर शहर के लिए इसके समय में अंतर होता है।
क्या चौघड़िया राहु काल से अधिक महत्वपूर्ण है?
शास्त्रीय रूप से राहु काल में शुभ कार्य टालने की सलाह दी जाती है, भले ही उस समय शुभ चौघड़िया चल रहा हो।
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