ज्येष्ठा · 27 में से नक्षत्र 18
ज्येष्ठा नक्षत्र
ज्येष्ठा अठारहवां नक्षत्र है, जो वृश्चिक राशि के अंतिम भाग में स्थित है। इसके स्वामी बुध हैं और अधिष्ठाता देवराज इंद्र हैं। इसका प्रतीक कुंडल या छत्र है। ज्येष्ठा का अर्थ है "ज्येष्ठ" (वरिष्ठ)। यह वरिष्ठता, उत्तरदायित्व, सुरक्षा और गुप्त शक्ति का तारा है। जातक सक्षम, संरक्षी, तीक्ष्ण बुद्धि और शांत अधिकार भाव से युक्त होते हैं।
- स्वामी ग्रह
- बुध
- प्रतीक
- कुंडल या छत्र
- अधिष्ठाता देवता
- इंद्र (देवराज)
- राशि विस्तार
- 16°40′–30°00′ वृश्चिक
- गण
- राक्षस गण
ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं
- सक्षम, प्रभावशाली और वरिष्ठता भाव
- संरक्षक और उत्तरदायित्व निभाने वाले
- तीक्ष्ण, चौकस और सूक्ष्मदर्शी
- भीतर छिपी अपार आंतरिक शक्ति
सकारात्मक शक्तियां
शांत अधिकार, कुशल प्रबंधन और दूसरों की रक्षा करना, कठिन से कठिन दायित्वों को अकेले उठाने की क्षमता।
सुधार एवं विकास के क्षेत्र
अत्यधिक जिम्मेदारी कभी-कभी नियंत्रण की भावना या उपेक्षित महसूस करा सकती है; काम का बंटवारा और विनम्रता हितकर हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?
बुध ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 16°40′–30°00′ वृश्चिक है।
ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?
ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रतीक कुंडल या छत्र है, और इसके अधिष्ठाता देवता इंद्र (देवराज) हैं।
मुझे कैसे पता चलेगा कि ज्येष्ठा मेरा जन्म नक्षत्र है?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।