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पुष्य · नामकरण

पुष्य नक्षत्र के अनुसार बच्चों के नाम

नामकरण संस्कार की वैदिक परंपरा में, पुष्य नक्षत्र में जन्मे शिशु का नाम इसके चार नामाक्षरों में से किसी एक से शुरू होता है — हु, हे, हो, डा — जो जन्म के समय चंद्रमा द्वारा अधिष्ठित चरण (पाद) के अनुसार चुना जाता है। पुष्य के स्वामी शनि हैं। नीचे चारों चरण, उनके नामाक्षर और उदाहरण नाम दिए गए हैं।

पुष्य के चरण और नामाक्षर

चरणनामाक्षर
1हु
2हे
3हो
4डा

पुष्य नक्षत्र के अनुसार उदाहरण नाम

लड़कों के नाम

हेमंत · दक्ष · दर्श · हुक्म

लड़कियों के नाम

हेमा · दामिनी · दर्शना · हुमा

ये उदाहरण स्वरूप दिए गए नाम हैं जो इस नक्षत्र के नामाक्षरों से प्रारंभ होते हैं — यह एक संदर्भ सूची है, कोई सीमित दायरा नहीं।

सटीक चरण — और इस प्रकार सही नामाक्षर — जन्म के सटीक समय पर निर्भर करता है, क्योंकि चंद्रमा लगभग 24 घंटे में नक्षत्र के चारों चरणों से गुजरता है।

क्या आप जानना चाहते हैं कि पुष्य का क्या अर्थ है? पुष्य नक्षत्र के बारे में पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुष्य नक्षत्र में जन्मे शिशु का नाम किस अक्षर से शुरू होना चाहिए?

वैदिक परंपरा के अनुसार चार अक्षरों में से एक — हु, हे, हो, डा — जो इस बात पर निर्भर करता है कि जन्म के समय चंद्रमा पुष्य के किस चरण (पाद) में था।

पुष्य नक्षत्र के चार चरण कौन से हैं?

पुष्य नक्षत्र के चार चरण हैं: चरण 1 हु, चरण 2 हे, चरण 3 हो, चरण 4 डा।

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नक्षत्र और चरण की गणना सटीक जन्म तिथि, समय और स्थान से की जाती है। शिशु का सही चरण और नाम सुझाव पाने के लिए हमारे निःशुल्क बेबी नेम्स कैलकुलेटर का उपयोग करें।