17 जून 2048
उज्जैन का पंचांग
भारतीय खगोल विज्ञान की शास्त्रीय संदर्भ मध्याह्न रेखा और महाकालेश्वर की पावन नगरी — भारतीय समय गणना का मूल आधार।
बुधवार · १७ जून २०४८ · उज्जैन
एक अनुकूल दिन
दिन का मार्गदर्शन
- बुधवार · बुध का दिन
- व्यापार, लेखा, लेखन, अध्ययन और बातचीत के लिए अनुकूल।
- मघा · उग्र नक्षत्र
- चंद्रमा का नक्षत्र टकराव, ध्वंस, शस्त्र और शल्य-क्रिया; कोमल शुभ आरंभ नहीं के लिए अनुकूल है।
- नंदा (आनंद) तिथि
- उत्सव, कला, प्रसन्नता और हल्के शुभ कार्यों की तिथि।
- दिशाशूल उत्तर दिशा में है — आज उस दिशा में यात्रा आरंभ करना परंपरागत रूप से टाला जाता है।
दिन के पंचांग का शास्त्रीय मुहूर्त विश्लेषण, सामान्य मार्गदर्शन, बिना एआई के गणना, व्यक्तिगत मुहूर्त का विकल्प नहीं।
दिन का उजाला, रात्रि और योजना के मुहूर्त।
- सूर्योदय
- ०५:४०दिन आरंभ
- सूर्यास्त
- १९:१४रात्रि आरंभ
- अगला सूर्योदय
- ०५:४१कल
अनुकूल मुहूर्त
शुभ आरंभ के लिए- ब्रह्म मुहूर्त०४:१७–०४:५९
त्याज्य समय
नया कार्य स्थगित रखें- राहु काल१२:२७–१४:०९
- गुलिक काल१०:४६–१२:२७
- यमगंड०७:२२–०९:०४
दिन का संक्षिप्त सार
- वारबुधवार
- तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्रमघा
- योगहर्षण
- करणकौलव
- सूर्योदय
- ५:४० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१४ अपराह्न
- चंद्रोदय
- १०:३५ पूर्वाह्न
- चंद्रास्त
- ११:०९ अपराह्न
- चंद्र राशि
- सिंह
- नक्षत्र
- मघा (South Node)
- दिशा शूल
- उत्तर
- माह (मास)
- ज्येष्ठ
आगे क्या देखें
यह पंचांग आज इस शहर में सभी के लिए एक समान है। तीन बातें जो यह आपको नहीं बता सकता, वे केवल आपकी व्यक्तिगत कुंडली से तय होती हैं:
मेरी अपनी कुंडली वास्तव में क्या कहती है?
अपनी कुंडली बनाएं और पहला फलादेश निःशुल्क पढ़ें, इसे देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है।
अपनी निःशुल्क कुंडली और फलादेश प्राप्त करेंइनमें से कौन सी तिथि हमारे विवाह के लिए उपयुक्त है?
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट दोनों कुंडलियों के संदर्भ में पंचांग का विश्लेषण करती है, वर-वधू के लिए ताराबल, चंद्रबल और वर्तमान दशा, न कि केवल सामान्य दिन का विचार।
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट देखेंमेरे लिए इसका क्या अर्थ है?
याना आपकी गणना की गई कुंडली के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देती है। उत्तर सशुल्क हैं, पैक के अनुसार मूल्य निर्धारित है और कोई सदस्यता नहीं है।
देखें कि याना से प्रश्न पूछने का क्या शुल्क है