4 जनवरी 2040
उज्जैन का पंचांग
भारतीय खगोल विज्ञान की शास्त्रीय संदर्भ मध्याह्न रेखा और महाकालेश्वर की पावन नगरी — भारतीय समय गणना का मूल आधार।
बुधवार · ४ जनवरी २०४० · उज्जैन
एक अनुकूल दिन
दिन का मार्गदर्शन
- बुधवार · बुध का दिन
- व्यापार, लेखा, लेखन, अध्ययन और बातचीत के लिए अनुकूल।
- मघा · उग्र नक्षत्र
- चंद्रमा का नक्षत्र टकराव, ध्वंस, शस्त्र और शल्य-क्रिया; कोमल शुभ आरंभ नहीं के लिए अनुकूल है।
- पूर्णा (पूर्णता) तिथि
- संस्कार, कार्य-पूर्ति और सभी शुभ कार्यों की तिथि।
- दिशाशूल उत्तर दिशा में है — आज उस दिशा में यात्रा आरंभ करना परंपरागत रूप से टाला जाता है।
दिन के पंचांग का शास्त्रीय मुहूर्त विश्लेषण, सामान्य मार्गदर्शन, बिना एआई के गणना, व्यक्तिगत मुहूर्त का विकल्प नहीं।
दिन का उजाला, रात्रि और योजना के मुहूर्त।
- सूर्योदय
- ०७:०८दिन आरंभ
- सूर्यास्त
- १७:५४रात्रि आरंभ
- अगला सूर्योदय
- ०७:०८कल
अनुकूल मुहूर्त
शुभ आरंभ के लिए- ब्रह्म मुहूर्त०५:२२–०६:१५
त्याज्य समय
नया कार्य स्थगित रखें- राहु काल१२:३१–१३:५२
- गुलिक काल११:१०–१२:३१
- यमगंड०८:२९–०९:५०
दिन का संक्षिप्त सार
- वारबुधवार
- तिथिकृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्रमघा
- योगआयुष्मान
- करणकौलव
- सूर्योदय
- ७:०८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५४ अपराह्न
- चंद्रोदय
- १०:१२ अपराह्न
- चंद्रास्त
- १०:२९ पूर्वाह्न
- चंद्र राशि
- सिंह
- नक्षत्र
- मघा (South Node)
- दिशा शूल
- उत्तर
- माह (मास)
- पौष
आगे क्या देखें
यह पंचांग आज इस शहर में सभी के लिए एक समान है। तीन बातें जो यह आपको नहीं बता सकता, वे केवल आपकी व्यक्तिगत कुंडली से तय होती हैं:
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विवाह मुहूर्त रिपोर्ट दोनों कुंडलियों के संदर्भ में पंचांग का विश्लेषण करती है, वर-वधू के लिए ताराबल, चंद्रबल और वर्तमान दशा, न कि केवल सामान्य दिन का विचार।
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