मासिक कैलेंडर · उज्जैन
कार्तिक — पंचांग कैलेंडर
कार्तिक (अमांत) · २० अक्टूबर – १७ नवंबर २०४७ · शरद. प्रत्येक बॉक्स दिन की तिथि (चंद्र दिवस) दिखाता है; बिंदु माह के पर्व-त्योहारों को चिह्नित करते हैं। संपूर्ण पंचांग के लिए किसी भी दिन को खोलें।
रविवार, २० अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र
- स्वाति
- योग
- प्रीति
- सूर्योदय
- ६:२५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५७ अपराह्न
सोमवार, २१ अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र
- विशाखा
- योग
- आयुष्मान
- सूर्योदय
- ६:२६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५६ अपराह्न
मंगलवार, २२ अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष चतुर्थी
- नक्षत्र
- अनुराधा
- योग
- सौभाग्य
- सूर्योदय
- ६:२६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५५ अपराह्न
बुधवार, २३ अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा
- योग
- शोभन
- सूर्योदय
- ६:२६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५५ अपराह्न
गुरुवार, २४ अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा
- योग
- अतिगंड
- सूर्योदय
- ६:२७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५४ अपराह्न
शुक्रवार, २५ अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- योग
- धृति
- सूर्योदय
- ६:२७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५३ अपराह्न
शनिवार, २६ अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र
- श्रवण
- योग
- शूल
- सूर्योदय
- ६:२८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५२ अपराह्न
रविवार, २७ अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष नवमी
- नक्षत्र
- धनिष्ठा
- योग
- गंड
- सूर्योदय
- ६:२८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५२ अपराह्न
सोमवार, २८ अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष दशमी
- नक्षत्र
- शतभिषा
- योग
- वृद्धि
- सूर्योदय
- ६:२९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५१ अपराह्न
मंगलवार, २९ अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष एकादशी
- Shukla एकादशीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- शतभिषा
- योग
- ध्रुव
- सूर्योदय
- ६:२९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५० अपराह्न
बुधवार, ३० अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपद
- योग
- व्याघात
- सूर्योदय
- ६:३० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५० अपराह्न
गुरुवार, ३१ अक्टूबर २०४७
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- Shukla प्रदोषव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- योग
- हर्षण
- सूर्योदय
- ६:३१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४९ अपराह्न
शुक्रवार, १ नवंबर २०४७
शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
- नक्षत्र
- रेवती
- योग
- वज्र
- सूर्योदय
- ६:३१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४८ अपराह्न
शनिवार, २ नवंबर २०४७
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा · पूर्णिमा
- पूर्णिमापूर्णिमा / अमावस्या
- नक्षत्र
- अश्विनी
- योग
- सिद्धि
- सूर्योदय
- ६:३२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४८ अपराह्न
रविवार, ३ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र
- भरणी
- योग
- व्यतीपात
- सूर्योदय
- ६:३२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४७ अपराह्न
सोमवार, ४ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र
- कृत्तिका
- योग
- Variyana
- सूर्योदय
- ६:३३ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४७ अपराह्न
मंगलवार, ५ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष तृतीया
- नक्षत्र
- रोहिणी
- योग
- परिघ
- सूर्योदय
- ६:३३ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४६ अपराह्न
बुधवार, ६ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष चतुर्थी
- संकष्टी चतुर्थीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- योग
- शिव
- सूर्योदय
- ६:३४ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४६ अपराह्न
गुरुवार, ७ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष चतुर्थी
- संकष्टी चतुर्थीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- आर्द्रा
- योग
- सिद्ध
- सूर्योदय
- ६:३५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४५ अपराह्न
शुक्रवार, ८ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र
- आर्द्रा
- योग
- साध्य
- सूर्योदय
- ६:३५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४५ अपराह्न
शनिवार, ९ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र
- पुनर्वसु
- योग
- शुभ
- सूर्योदय
- ६:३६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४४ अपराह्न
रविवार, १० नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र
- पुष्य
- योग
- शुक्ल
- सूर्योदय
- ६:३६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४४ अपराह्न
सोमवार, ११ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र
- अश्लेषा
- योग
- ब्रह्म
- सूर्योदय
- ६:३७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४३ अपराह्न
मंगलवार, १२ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष नवमी
- नक्षत्र
- मघा
- योग
- इंद्र
- सूर्योदय
- ६:३८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४३ अपराह्न
बुधवार, १३ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी
- योग
- वैधृति
- सूर्योदय
- ६:३८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४३ अपराह्न
गुरुवार, १४ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष एकादशी
- Krishna एकादशीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी
- योग
- विष्कंभ
- सूर्योदय
- ६:३९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४२ अपराह्न
शुक्रवार, १५ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- Krishna प्रदोषव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- हस्त
- योग
- प्रीति
- सूर्योदय
- ६:४० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४२ अपराह्न
शनिवार, १६ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
- Masik Shivratriव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- स्वाति
- योग
- आयुष्मान
- सूर्योदय
- ६:४० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४२ अपराह्न
रविवार, १७ नवंबर २०४७
कृष्ण पक्ष अमावस्या · अमावस्या
- वृश्चिक संक्रांतिसंक्रांति
- अमावस्यापूर्णिमा / अमावस्या
- नक्षत्र
- विशाखा
- योग
- सौभाग्य
- सूर्योदय
- ६:४१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४१ अपराह्न
- व्रत / उपवास
- पूर्णिमा / अमावस्या
- संक्रांति
क्षेत्रीय कैलेंडर
एक ही आकाश को अलग-अलग मास और दिन-निर्धारण पद्धतियों में प्रस्तुत किया जाता है। जिस कैलेंडर-परंपरा को आप देखना चाहते हैं, उसे स्पष्ट रूप से चुनें।
कार्तिक के व्रत व पर्व
गणना-आधारित व्रत व पर्व, एकादशी, प्रदोष, पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति और ग्रहण। तिथियां सूर्योदय-व्यापिनी तिथि (स्मार्त परंपरा) के अनुसार हैं।
- Shukla Ekadashiमंगल 29 अक्टूव्रतशुक्ल पक्ष · Kartika
- Shukla Pradoshगुरु 31 अक्टूव्रतशुक्ल पक्ष · Kartika
- Purnimaशनि 2 नवचंद्रKartika (पूर्णिमांत)
- Sankashti Chaturthiबुध 6 नवव्रतकृष्ण पक्ष · Kartika
- Sankashti Chaturthiगुरु 7 नवव्रतकृष्ण पक्ष · Kartika
- Krishna Ekadashiगुरु 14 नवव्रतकृष्ण पक्ष · Kartika
- Krishna Pradoshशुक्र 15 नवव्रतकृष्ण पक्ष · Kartika
- Masik Shivratriशनि 16 नवव्रतकृष्ण पक्ष · Kartika
- Vrishchika Sankrantiरवि 17 नवसंक्रांतिसूर्य का Scorpio में प्रवेश · 5:03 AM
- Amavasyaरवि 17 नवचंद्रMargashirsha (पूर्णिमांत)
आगे क्या देखें
यह पंचांग आज इस शहर में सभी के लिए एक समान है। तीन बातें जो यह आपको नहीं बता सकता, वे केवल आपकी व्यक्तिगत कुंडली से तय होती हैं:
मेरी अपनी कुंडली वास्तव में क्या कहती है?
अपनी कुंडली बनाएं और पहला फलादेश निःशुल्क पढ़ें, इसे देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है।
अपनी निःशुल्क कुंडली और फलादेश प्राप्त करेंइनमें से कौन सी तिथि हमारे विवाह के लिए उपयुक्त है?
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट दोनों कुंडलियों के संदर्भ में पंचांग का विश्लेषण करती है, वर-वधू के लिए ताराबल, चंद्रबल और वर्तमान दशा, न कि केवल सामान्य दिन का विचार।
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट देखेंमेरे लिए इसका क्या अर्थ है?
याना आपकी गणना की गई कुंडली के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देती है। उत्तर सशुल्क हैं, पैक के अनुसार मूल्य निर्धारित है और कोई सदस्यता नहीं है।
देखें कि याना से प्रश्न पूछने का क्या शुल्क है
शहर अनुसार दैनिक पंचांग
प्रमुख भारतीय शहरों के लिए आज की तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त समय।