हिंदी कैलेंडर · उज्जैन
हिंदी कैलेंडर — ज्येष्ठ २०२६
यह पूर्णिमांत पद्धति की तटस्थ हिंदी प्रस्तुति है, जिसकी समय-गणना भारतीय खगोल-विज्ञान की शास्त्रीय संदर्भ-रेखा उज्जैन के लिए की गई है। पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में अगले मास का नाम पहले ही आरंभ हो जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों, परिवारों और पंचांग-परंपराओं में नाम व रीति भिन्न हो सकती हैं।
ज्येष्ठ १६ जून – २९ जून २०२६ तक चलता है — पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) मास। समय की गणना उज्जैन के लिए की गई है; तिथि और मास पूरे भारत में समान रहते हैं। ऋतु: ग्रीष्म।
मंगलवार, १६ जून २०२६
शुक्ल पक्ष द्वितीया
- मिथुन संक्रांतिसंक्रांति
- नक्षत्र
- आर्द्रा
- योग
- वृद्धि
- सूर्योदय
- ५:४० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१४ अपराह्न
बुधवार, १७ जून २०२६
शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसु
- योग
- ध्रुव
- सूर्योदय
- ५:४० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१४ अपराह्न
गुरुवार, १८ जून २०२६
शुक्ल पक्ष चतुर्थी
- नक्षत्र
- पुष्य
- योग
- व्याघात
- सूर्योदय
- ५:४० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१४ अपराह्न
शुक्रवार, १९ जून २०२६
शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र
- अश्लेषा
- योग
- हर्षण
- सूर्योदय
- ५:४१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१५ अपराह्न
शनिवार, २० जून २०२६
शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र
- मघा
- योग
- वज्र
- सूर्योदय
- ५:४१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१५ अपराह्न
रविवार, २१ जून २०२६
शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी
- योग
- सिद्धि
- सूर्योदय
- ५:४१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१५ अपराह्न
सोमवार, २२ जून २०२६
शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी
- योग
- व्यतीपात
- सूर्योदय
- ५:४१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१५ अपराह्न
मंगलवार, २३ जून २०२६
शुक्ल पक्ष नवमी
- नक्षत्र
- हस्त
- योग
- Variyana
- सूर्योदय
- ५:४२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
बुधवार, २४ जून २०२६
शुक्ल पक्ष दशमी
- नक्षत्र
- चित्रा
- योग
- परिघ
- सूर्योदय
- ५:४२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
गुरुवार, २५ जून २०२६
शुक्ल पक्ष एकादशी
- निर्जला एकादशीत्योहार
- Shukla एकादशीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- स्वाति
- योग
- शिव
- सूर्योदय
- ५:४२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
शुक्रवार, २६ जून २०२६
शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र
- विशाखा
- योग
- सिद्ध
- सूर्योदय
- ५:४२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
शनिवार, २७ जून २०२६
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- Shukla प्रदोषव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- अनुराधा
- योग
- साध्य
- सूर्योदय
- ५:४३ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
रविवार, २८ जून २०२६
शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा
- योग
- शुभ
- सूर्योदय
- ५:४३ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
सोमवार, २९ जून २०२६
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा · पूर्णिमा
- पूर्णिमापूर्णिमा / अमावस्या
- नक्षत्र
- मूल
- योग
- शुक्ल
- सूर्योदय
- ५:४३ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
- संक्रांति
- त्योहार
- व्रत / उपवास
- पूर्णिमा / अमावस्या
ज्येष्ठ के त्योहार
इस हिंदी महीने में आने वाले प्रमुख त्योहार। तिथियां भारत-व्यापी संदर्भ हैं, क्षेत्रीय पंचांगों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
ज्येष्ठ के व्रत और पर्व
एकादशी, प्रदोष, संकष्टी, पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति और ग्रहण: उज्जैन के लिए सूर्योदय-व्यापिनी तिथि पर आधारित।
- Mithuna Sankrantiमंगल 16 जूनसंक्रांतिसूर्य का Gemini में प्रवेश · 12:53 PM
- Shukla Ekadashiगुरु 25 जूनव्रतशुक्ल पक्ष · Jyeshtha
- Shukla Pradoshशनि 27 जूनव्रतशुक्ल पक्ष · Jyeshtha
- Purnimaसोम 29 जूनचंद्रJyeshtha (पूर्णिमांत)
हिंदी के महीने
सभी बारह महीने, क्रमवार, उनके सामान्य अंग्रेजी महीनों के साथ।
- चैत्रमार्च–अप्रैल
- वैशाखअप्रैल–मई
- ज्येष्ठमई–जून
- आषाढ़जून–जुलाई
- श्रावणजुलाई–अगस्त
- भाद्रपदअगस्त–सितंबर
- आश्विनसितंबर–अक्टूबर
- कार्तिकअक्टूबर–नवंबर
- मार्गशीर्षनवंबर–दिसंबर
- पौषदिसंबर–जनवरी
- माघजनवरी–फ़रवरी
- फाल्गुनफ़रवरी–मार्च
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हिंदी कैलेंडर किस मास-गणना का उपयोग करता है?
पूर्णिमांत—चंद्र मास पूर्णिमा से अगली पूर्णिमा तक चलता है। पूर्णिमा के अगले दिन मास बदलता है, इसलिए कृष्ण पक्ष उस मास में माना जाता है जो अगली पूर्णिमा पर समाप्त होगा।
दक्षिण भारत के कैलेंडर में त्योहार की तिथि समान, लेकिन मास का नाम अलग क्यों होता है?
तिथि सूर्य और चंद्रमा के बीच कोण पर आधारित खगोलीय अवस्था है। मास-नाम और सूर्योदय-आधारित दिन-निर्धारण परंपरा व स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं। कृष्ण पक्ष में पूर्णिमांत नाम अमांत नाम से एक मास आगे चलता है, इसलिए वही तिथि यहाँ श्रावण कृष्ण अष्टमी और महाराष्ट्र में आषाढ़ कृष्ण अष्टमी कहलाती है।
क्या यह विक्रम संवत कैलेंडर ही है?
हाँ। यहाँ दिखाया गया वर्ष विक्रम संवत है, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर बदलता है। गुजरात में विक्रम वर्ष कार्तिक से गिना जाता है, इसलिए उसी दिन गुजराती कैलेंडर में वर्ष संख्या अलग हो सकती है।
अधिक मास क्या है?
यह वह अतिरिक्त चंद्र मास है जो किसी चंद्र मास में संक्रांति न होने पर जोड़ा जाता है। इसका नाम संबंधित मास के समान रहता है और उसके आगे “अधिक” लिखा जाता है; यहाँ इसे स्वतंत्र मास के रूप में दिखाया जाता है।
क्षेत्रीय कैलेंडर
एक ही आकाश को अलग-अलग मास और दिन-निर्धारण पद्धतियों में प्रस्तुत किया जाता है। जिस कैलेंडर-परंपरा को आप देखना चाहते हैं, उसे स्पष्ट रूप से चुनें।
आगे क्या देखें
यह पंचांग आज इस शहर में सभी के लिए एक समान है। तीन बातें जो यह आपको नहीं बता सकता, वे केवल आपकी व्यक्तिगत कुंडली से तय होती हैं:
मेरी अपनी कुंडली वास्तव में क्या कहती है?
अपनी कुंडली बनाएं और पहला फलादेश निःशुल्क पढ़ें, इसे देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है।
अपनी निःशुल्क कुंडली और फलादेश प्राप्त करेंइनमें से कौन सी तिथि हमारे विवाह के लिए उपयुक्त है?
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट दोनों कुंडलियों के संदर्भ में पंचांग का विश्लेषण करती है, वर-वधू के लिए ताराबल, चंद्रबल और वर्तमान दशा, न कि केवल सामान्य दिन का विचार।
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट देखेंमेरे लिए इसका क्या अर्थ है?
याना आपकी गणना की गई कुंडली के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देती है। उत्तर सशुल्क हैं, पैक के अनुसार मूल्य निर्धारित है और कोई सदस्यता नहीं है।
देखें कि याना से प्रश्न पूछने का क्या शुल्क है