हिंदी कैलेंडर · उज्जैन
हिंदी कैलेंडर — श्रावण २०२३
यह पूर्णिमांत पद्धति की तटस्थ हिंदी प्रस्तुति है, जिसकी समय-गणना भारतीय खगोल-विज्ञान की शास्त्रीय संदर्भ-रेखा उज्जैन के लिए की गई है। पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में अगले मास का नाम पहले ही आरंभ हो जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों, परिवारों और पंचांग-परंपराओं में नाम व रीति भिन्न हो सकती हैं।
श्रावण ४ जुलाई – १७ जुलाई २०२३ तक चलता है — पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) मास। समय की गणना उज्जैन के लिए की गई है; तिथि और मास पूरे भारत में समान रहते हैं। ऋतु: ग्रीष्म।
मंगलवार, ४ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा
- योग
- इंद्र
- सूर्योदय
- ५:४५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१७ अपराह्न
बुधवार, ५ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र
- श्रवण
- योग
- वैधृति
- सूर्योदय
- ५:४५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१७ अपराह्न
गुरुवार, ६ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष तृतीया
- नक्षत्र
- धनिष्ठा
- योग
- प्रीति
- सूर्योदय
- ५:४६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१७ अपराह्न
शुक्रवार, ७ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र
- शतभिषा
- योग
- आयुष्मान
- सूर्योदय
- ५:४६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
शनिवार, ८ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपद
- योग
- सौभाग्य
- सूर्योदय
- ५:४६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
रविवार, ९ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- योग
- शोभन
- सूर्योदय
- ५:४७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
सोमवार, १० जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष अष्टमी
- श्रावण सोमवारव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- रेवती
- योग
- अतिगंड
- सूर्योदय
- ५:४७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
मंगलवार, ११ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष नवमी
- नक्षत्र
- अश्विनी
- योग
- सुकर्मा
- सूर्योदय
- ५:४७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
बुधवार, १२ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र
- भरणी
- योग
- धृति
- सूर्योदय
- ५:४८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
गुरुवार, १३ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष एकादशी
- Krishna एकादशीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- कृत्तिका
- योग
- शूल
- सूर्योदय
- ५:४८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
शुक्रवार, १४ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र
- रोहिणी
- योग
- गंड
- सूर्योदय
- ५:४९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१६ अपराह्न
शनिवार, १५ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- Krishna प्रदोषव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- योग
- वृद्धि
- सूर्योदय
- ५:४९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१५ अपराह्न
रविवार, १६ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
- Masik Shivratriव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- आर्द्रा
- योग
- ध्रुव
- सूर्योदय
- ५:५० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१५ अपराह्न
सोमवार, १७ जुलाई २०२३
कृष्ण पक्ष अमावस्या · अमावस्या
- कर्क संक्रांतिसंक्रांति
- अमावस्यापूर्णिमा / अमावस्या
- श्रावण सोमवारव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- पुनर्वसु
- योग
- व्याघात
- सूर्योदय
- ५:५० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ७:१५ अपराह्न
- व्रत / उपवास
- संक्रांति
- पूर्णिमा / अमावस्या
श्रावण के व्रत और पर्व
एकादशी, प्रदोष, संकष्टी, पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति और ग्रहण: उज्जैन के लिए सूर्योदय-व्यापिनी तिथि पर आधारित।
- Shravana Somwarसोम 10 जुलाव्रतAshadha
- Krishna Ekadashiगुरु 13 जुलाव्रतकृष्ण पक्ष · Ashadha
- Krishna Pradoshशनि 15 जुलाव्रतकृष्ण पक्ष · Ashadha
- Masik Shivratriरवि 16 जुलाव्रतकृष्ण पक्ष · Ashadha
- Karka Sankrantiसोम 17 जुलासंक्रांतिसूर्य का Cancer में प्रवेश · 5:07 AM
- Amavasyaसोम 17 जुलाचंद्रShravana (पूर्णिमांत)
- Shravana Somwarसोम 17 जुलाव्रतAshadha
हिंदी के महीने
सभी बारह महीने, क्रमवार, उनके सामान्य अंग्रेजी महीनों के साथ।
- चैत्रमार्च–अप्रैल
- वैशाखअप्रैल–मई
- ज्येष्ठमई–जून
- आषाढ़जून–जुलाई
- श्रावणजुलाई–अगस्त
- भाद्रपदअगस्त–सितंबर
- आश्विनसितंबर–अक्टूबर
- कार्तिकअक्टूबर–नवंबर
- मार्गशीर्षनवंबर–दिसंबर
- पौषदिसंबर–जनवरी
- माघजनवरी–फ़रवरी
- फाल्गुनफ़रवरी–मार्च
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हिंदी कैलेंडर किस मास-गणना का उपयोग करता है?
पूर्णिमांत—चंद्र मास पूर्णिमा से अगली पूर्णिमा तक चलता है। पूर्णिमा के अगले दिन मास बदलता है, इसलिए कृष्ण पक्ष उस मास में माना जाता है जो अगली पूर्णिमा पर समाप्त होगा।
दक्षिण भारत के कैलेंडर में त्योहार की तिथि समान, लेकिन मास का नाम अलग क्यों होता है?
तिथि सूर्य और चंद्रमा के बीच कोण पर आधारित खगोलीय अवस्था है। मास-नाम और सूर्योदय-आधारित दिन-निर्धारण परंपरा व स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं। कृष्ण पक्ष में पूर्णिमांत नाम अमांत नाम से एक मास आगे चलता है, इसलिए वही तिथि यहाँ श्रावण कृष्ण अष्टमी और महाराष्ट्र में आषाढ़ कृष्ण अष्टमी कहलाती है।
क्या यह विक्रम संवत कैलेंडर ही है?
हाँ। यहाँ दिखाया गया वर्ष विक्रम संवत है, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर बदलता है। गुजरात में विक्रम वर्ष कार्तिक से गिना जाता है, इसलिए उसी दिन गुजराती कैलेंडर में वर्ष संख्या अलग हो सकती है।
अधिक मास क्या है?
यह वह अतिरिक्त चंद्र मास है जो किसी चंद्र मास में संक्रांति न होने पर जोड़ा जाता है। इसका नाम संबंधित मास के समान रहता है और उसके आगे “अधिक” लिखा जाता है; यहाँ इसे स्वतंत्र मास के रूप में दिखाया जाता है।
क्षेत्रीय कैलेंडर
एक ही आकाश को अलग-अलग मास और दिन-निर्धारण पद्धतियों में प्रस्तुत किया जाता है। जिस कैलेंडर-परंपरा को आप देखना चाहते हैं, उसे स्पष्ट रूप से चुनें।
आगे क्या देखें
यह पंचांग आज इस शहर में सभी के लिए एक समान है। तीन बातें जो यह आपको नहीं बता सकता, वे केवल आपकी व्यक्तिगत कुंडली से तय होती हैं:
मेरी अपनी कुंडली वास्तव में क्या कहती है?
अपनी कुंडली बनाएं और पहला फलादेश निःशुल्क पढ़ें, इसे देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है।
अपनी निःशुल्क कुंडली और फलादेश प्राप्त करेंइनमें से कौन सी तिथि हमारे विवाह के लिए उपयुक्त है?
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट दोनों कुंडलियों के संदर्भ में पंचांग का विश्लेषण करती है, वर-वधू के लिए ताराबल, चंद्रबल और वर्तमान दशा, न कि केवल सामान्य दिन का विचार।
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट देखेंमेरे लिए इसका क्या अर्थ है?
याना आपकी गणना की गई कुंडली के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देती है। उत्तर सशुल्क हैं, पैक के अनुसार मूल्य निर्धारित है और कोई सदस्यता नहीं है।
देखें कि याना से प्रश्न पूछने का क्या शुल्क है