हिंदी कैलेंडर · उज्जैन
हिंदी कैलेंडर — आश्विन २०२२
यह पूर्णिमांत पद्धति की तटस्थ हिंदी प्रस्तुति है, जिसकी समय-गणना भारतीय खगोल-विज्ञान की शास्त्रीय संदर्भ-रेखा उज्जैन के लिए की गई है। पूर्णिमांत मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में अगले मास का नाम पहले ही आरंभ हो जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों, परिवारों और पंचांग-परंपराओं में नाम व रीति भिन्न हो सकती हैं।
आश्विन ११ सितंबर – ९ अक्टूबर २०२२ तक चलता है — पूर्णिमांत (पूर्णिमा से पूर्णिमा) मास। समय की गणना उज्जैन के लिए की गई है; तिथि और मास पूरे भारत में समान रहते हैं। ऋतु: वर्षा।
रविवार, ११ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपद
- योग
- शूल
- सूर्योदय
- ६:११ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:३४ अपराह्न
सोमवार, १२ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- योग
- गंड
- सूर्योदय
- ६:१२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:३३ अपराह्न
मंगलवार, १३ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष तृतीया
- नक्षत्र
- रेवती
- योग
- वृद्धि
- सूर्योदय
- ६:१२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:३२ अपराह्न
बुधवार, १४ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष चतुर्थी
- संकष्टी चतुर्थीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- अश्विनी
- योग
- ध्रुव
- सूर्योदय
- ६:१२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:३१ अपराह्न
गुरुवार, १५ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र
- भरणी
- योग
- हर्षण
- सूर्योदय
- ६:१३ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:३० अपराह्न
शुक्रवार, १६ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र
- कृत्तिका
- योग
- वज्र
- सूर्योदय
- ६:१३ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:२९ अपराह्न
शनिवार, १७ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र
- रोहिणी
- योग
- सिद्धि
- सूर्योदय
- ६:१३ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:२८ अपराह्न
रविवार, १८ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष अष्टमी
- कन्या संक्रांतिसंक्रांति
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- योग
- सिद्धि
- सूर्योदय
- ६:१४ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:२७ अपराह्न
सोमवार, १९ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष नवमी
- नक्षत्र
- आर्द्रा
- योग
- व्यतीपात
- सूर्योदय
- ६:१४ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:२६ अपराह्न
मंगलवार, २० सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र
- पुनर्वसु
- योग
- Variyana
- सूर्योदय
- ६:१४ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:२५ अपराह्न
बुधवार, २१ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष एकादशी
- Krishna एकादशीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- पुष्य
- योग
- परिघ
- सूर्योदय
- ६:१४ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:२४ अपराह्न
गुरुवार, २२ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र
- अश्लेषा
- योग
- शिव
- सूर्योदय
- ६:१५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:२३ अपराह्न
शुक्रवार, २३ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- Krishna प्रदोषव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- मघा
- योग
- सिद्ध
- सूर्योदय
- ६:१५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:२२ अपराह्न
शनिवार, २४ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
- Masik Shivratriव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी
- योग
- साध्य
- सूर्योदय
- ६:१५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:२१ अपराह्न
रविवार, २५ सितंबर २०२२
कृष्ण पक्ष अमावस्या · अमावस्या
- अमावस्यापूर्णिमा / अमावस्या
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी
- योग
- शुभ
- सूर्योदय
- ६:१६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:२० अपराह्न
सोमवार, २६ सितंबर २०२२
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र
- हस्त
- योग
- शुक्ल
- सूर्योदय
- ६:१६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:१९ अपराह्न
मंगलवार, २७ सितंबर २०२२
शुक्ल पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र
- चित्रा
- योग
- ब्रह्म
- सूर्योदय
- ६:१६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:१८ अपराह्न
बुधवार, २८ सितंबर २०२२
शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र
- स्वाति
- योग
- वैधृति
- सूर्योदय
- ६:१७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:१७ अपराह्न
गुरुवार, २९ सितंबर २०२२
शुक्ल पक्ष चतुर्थी
- नक्षत्र
- विशाखा
- योग
- विष्कंभ
- सूर्योदय
- ६:१७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:१६ अपराह्न
शुक्रवार, ३० सितंबर २०२२
शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र
- अनुराधा
- योग
- प्रीति
- सूर्योदय
- ६:१७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:१५ अपराह्न
शनिवार, १ अक्टूबर २०२२
शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा
- योग
- आयुष्मान
- सूर्योदय
- ६:१८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:१४ अपराह्न
रविवार, २ अक्टूबर २०२२
शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र
- मूल
- योग
- सौभाग्य
- सूर्योदय
- ६:१८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:१३ अपराह्न
सोमवार, ३ अक्टूबर २०२२
शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा
- योग
- शोभन
- सूर्योदय
- ६:१८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:१२ अपराह्न
मंगलवार, ४ अक्टूबर २०२२
शुक्ल पक्ष नवमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- योग
- अतिगंड
- सूर्योदय
- ६:१९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:११ अपराह्न
बुधवार, ५ अक्टूबर २०२२
शुक्ल पक्ष दशमी
- नक्षत्र
- श्रवण
- योग
- सुकर्मा
- सूर्योदय
- ६:१९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:१० अपराह्न
गुरुवार, ६ अक्टूबर २०२२
शुक्ल पक्ष एकादशी
- Shukla एकादशीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- धनिष्ठा
- योग
- शूल
- सूर्योदय
- ६:१९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०९ अपराह्न
शुक्रवार, ७ अक्टूबर २०२२
शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र
- शतभिषा
- योग
- गंड
- सूर्योदय
- ६:२० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०८ अपराह्न
शनिवार, ८ अक्टूबर २०२२
शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपद
- योग
- वृद्धि
- सूर्योदय
- ६:२० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०७ अपराह्न
रविवार, ९ अक्टूबर २०२२
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा · पूर्णिमा
- पूर्णिमापूर्णिमा / अमावस्या
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- योग
- ध्रुव
- सूर्योदय
- ६:२१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०६ अपराह्न
- व्रत / उपवास
- संक्रांति
- पूर्णिमा / अमावस्या
आश्विन के व्रत और पर्व
एकादशी, प्रदोष, संकष्टी, पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति और ग्रहण: उज्जैन के लिए सूर्योदय-व्यापिनी तिथि पर आधारित।
- Sankashti Chaturthiबुध 14 सितंव्रतकृष्ण पक्ष · Bhadrapada
- Kanya Sankrantiरवि 18 सितंसंक्रांतिसूर्य का Virgo में प्रवेश · 7:22 AM
- Krishna Ekadashiबुध 21 सितंव्रतकृष्ण पक्ष · Bhadrapada
- Krishna Pradoshशुक्र 23 सितंव्रतकृष्ण पक्ष · Bhadrapada
- Masik Shivratriशनि 24 सितंव्रतकृष्ण पक्ष · Bhadrapada
- Amavasyaरवि 25 सितंचंद्रAshwina (पूर्णिमांत)
- Shukla Ekadashiगुरु 6 अक्टूव्रतशुक्ल पक्ष · Ashwina
- Purnimaरवि 9 अक्टूचंद्रAshwina (पूर्णिमांत)
हिंदी के महीने
सभी बारह महीने, क्रमवार, उनके सामान्य अंग्रेजी महीनों के साथ।
- चैत्रमार्च–अप्रैल
- वैशाखअप्रैल–मई
- ज्येष्ठमई–जून
- आषाढ़जून–जुलाई
- श्रावणजुलाई–अगस्त
- भाद्रपदअगस्त–सितंबर
- आश्विनसितंबर–अक्टूबर
- कार्तिकअक्टूबर–नवंबर
- मार्गशीर्षनवंबर–दिसंबर
- पौषदिसंबर–जनवरी
- माघजनवरी–फ़रवरी
- फाल्गुनफ़रवरी–मार्च
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हिंदी कैलेंडर किस मास-गणना का उपयोग करता है?
पूर्णिमांत—चंद्र मास पूर्णिमा से अगली पूर्णिमा तक चलता है। पूर्णिमा के अगले दिन मास बदलता है, इसलिए कृष्ण पक्ष उस मास में माना जाता है जो अगली पूर्णिमा पर समाप्त होगा।
दक्षिण भारत के कैलेंडर में त्योहार की तिथि समान, लेकिन मास का नाम अलग क्यों होता है?
तिथि सूर्य और चंद्रमा के बीच कोण पर आधारित खगोलीय अवस्था है। मास-नाम और सूर्योदय-आधारित दिन-निर्धारण परंपरा व स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं। कृष्ण पक्ष में पूर्णिमांत नाम अमांत नाम से एक मास आगे चलता है, इसलिए वही तिथि यहाँ श्रावण कृष्ण अष्टमी और महाराष्ट्र में आषाढ़ कृष्ण अष्टमी कहलाती है।
क्या यह विक्रम संवत कैलेंडर ही है?
हाँ। यहाँ दिखाया गया वर्ष विक्रम संवत है, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर बदलता है। गुजरात में विक्रम वर्ष कार्तिक से गिना जाता है, इसलिए उसी दिन गुजराती कैलेंडर में वर्ष संख्या अलग हो सकती है।
अधिक मास क्या है?
यह वह अतिरिक्त चंद्र मास है जो किसी चंद्र मास में संक्रांति न होने पर जोड़ा जाता है। इसका नाम संबंधित मास के समान रहता है और उसके आगे “अधिक” लिखा जाता है; यहाँ इसे स्वतंत्र मास के रूप में दिखाया जाता है।
क्षेत्रीय कैलेंडर
एक ही आकाश को अलग-अलग मास और दिन-निर्धारण पद्धतियों में प्रस्तुत किया जाता है। जिस कैलेंडर-परंपरा को आप देखना चाहते हैं, उसे स्पष्ट रूप से चुनें।
आगे क्या देखें
यह पंचांग आज इस शहर में सभी के लिए एक समान है। तीन बातें जो यह आपको नहीं बता सकता, वे केवल आपकी व्यक्तिगत कुंडली से तय होती हैं:
मेरी अपनी कुंडली वास्तव में क्या कहती है?
अपनी कुंडली बनाएं और पहला फलादेश निःशुल्क पढ़ें, इसे देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है।
अपनी निःशुल्क कुंडली और फलादेश प्राप्त करेंइनमें से कौन सी तिथि हमारे विवाह के लिए उपयुक्त है?
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट दोनों कुंडलियों के संदर्भ में पंचांग का विश्लेषण करती है, वर-वधू के लिए ताराबल, चंद्रबल और वर्तमान दशा, न कि केवल सामान्य दिन का विचार।
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट देखेंमेरे लिए इसका क्या अर्थ है?
याना आपकी गणना की गई कुंडली के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देती है। उत्तर सशुल्क हैं, पैक के अनुसार मूल्य निर्धारित है और कोई सदस्यता नहीं है।
देखें कि याना से प्रश्न पूछने का क्या शुल्क है