मुख्य सामग्री पर जाएँ

बंगाली कैलेंडर · कोलकाता

बंगाली कैलेंडर — बैशाख (वैशाख) २०२७

यह कोलकाता के अनुसार गणना की गई बंगाली पंजिका है। भारत के पूर्वी महानगर में उसी घड़ी पर सूर्य देश के अधिकांश भाग से पहले उदित होता है। इसके मास सौर हैं और बंगाल संक्रांति का दिन पुराने मास को देकर नया मास अगले दिन आरंभ करता है।

बैशाख (वैशाख) १५ अप्रैल – १५ मई २०२७ तक चलता है — सौर (संक्रांति से संक्रांति) मास। पोइला बैशाख से वर्ष और नई बही का आरंभ। समय की गणना कोलकाता के लिए की गई है; तिथि और मास पूरे भारत में समान रहते हैं। ऋतु: वसंत।

गुरुवार, १५ अप्रैल २०२७

शुक्ल पक्ष नवमी

  • राम नवमीत्योहार
  • विशुत्योहार
  • पोहेला बैशाखत्योहार
  • मेष संक्रांतिसंक्रांति
नक्षत्र
पुष्य
योग
धृति
सूर्योदय
५:१६ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
५:५६ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

शुक्रवार, १६ अप्रैल २०२७

शुक्ल पक्ष दशमी

नक्षत्र
अश्लेषा
योग
शूल
सूर्योदय
५:१५ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
५:५७ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

शनिवार, १७ अप्रैल २०२७

शुक्ल पक्ष एकादशी

  • कामदा एकादशीत्योहार
  • Shukla एकादशीव्रत / उपवास
नक्षत्र
मघा
योग
वृद्धि
सूर्योदय
५:१५ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
५:५७ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

रविवार, १८ अप्रैल २०२७

शुक्ल पक्ष द्वादशी

नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी
योग
ध्रुव
सूर्योदय
५:१४ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
५:५८ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

सोमवार, १९ अप्रैल २०२७

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी

  • महावीर जयंतीत्योहार
  • Shukla प्रदोषव्रत / उपवास
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
योग
व्याघात
सूर्योदय
५:१३ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
५:५८ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

मंगलवार, २० अप्रैल २०२७

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा · पूर्णिमा

  • हनुमान जयंतीत्योहार
  • पूर्णिमापूर्णिमा / अमावस्या
नक्षत्र
चित्रा
योग
हर्षण
सूर्योदय
५:१२ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
५:५८ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

बुधवार, २१ अप्रैल २०२७

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा

नक्षत्र
स्वाति
योग
वज्र
सूर्योदय
५:११ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
५:५९ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

गुरुवार, २२ अप्रैल २०२७

कृष्ण पक्ष द्वितीया

नक्षत्र
विशाखा
योग
सिद्धि
सूर्योदय
५:१० पूर्वाह्न
सूर्यास्त
५:५९ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

शुक्रवार, २३ अप्रैल २०२७

कृष्ण पक्ष तृतीया

नक्षत्र
विशाखा
योग
व्यतीपात
सूर्योदय
५:१० पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०० अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

शनिवार, २४ अप्रैल २०२७

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

  • संकष्टी चतुर्थीव्रत / उपवास
नक्षत्र
अनुराधा
योग
Variyana
सूर्योदय
५:०९ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०० अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

रविवार, २५ अप्रैल २०२७

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

  • संकष्टी चतुर्थीव्रत / उपवास
नक्षत्र
ज्येष्ठा
योग
परिघ
सूर्योदय
५:०८ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०० अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

सोमवार, २६ अप्रैल २०२७

कृष्ण पक्ष पंचमी

नक्षत्र
मूल
योग
शिव
सूर्योदय
५:०७ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०१ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

मंगलवार, २७ अप्रैल २०२७

कृष्ण पक्ष षष्ठी

नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
योग
सिद्ध
सूर्योदय
५:०७ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०१ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

बुधवार, २८ अप्रैल २०२७

कृष्ण पक्ष सप्तमी

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
योग
साध्य
सूर्योदय
५:०६ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०२ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

गुरुवार, २९ अप्रैल २०२७

कृष्ण पक्ष अष्टमी

नक्षत्र
श्रवण
योग
शुभ
सूर्योदय
५:०५ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०२ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

शुक्रवार, ३० अप्रैल २०२७

कृष्ण पक्ष नवमी

नक्षत्र
धनिष्ठा
योग
शुक्ल
सूर्योदय
५:०४ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०२ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

शनिवार, १ मई २०२७

कृष्ण पक्ष दशमी

नक्षत्र
शतभिषा
योग
ब्रह्म
सूर्योदय
५:०४ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०३ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

रविवार, २ मई २०२७

कृष्ण पक्ष एकादशी

  • वरूथिनी एकादशीत्योहार
  • Krishna एकादशीव्रत / उपवास
नक्षत्र
पूर्व भाद्रपद
योग
इंद्र
सूर्योदय
५:०३ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०३ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

सोमवार, ३ मई २०२७

कृष्ण पक्ष द्वादशी

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
योग
वैधृति
सूर्योदय
५:०२ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०४ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

मंगलवार, ४ मई २०२७

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी

  • Krishna प्रदोषव्रत / उपवास
नक्षत्र
रेवती
योग
विष्कंभ
सूर्योदय
५:०२ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०४ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

बुधवार, ५ मई २०२७

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

  • Masik Shivratriव्रत / उपवास
नक्षत्र
अश्विनी
योग
प्रीति
सूर्योदय
५:०१ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०५ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

गुरुवार, ६ मई २०२७

कृष्ण पक्ष अमावस्या · अमावस्या

  • अमावस्यापूर्णिमा / अमावस्या
नक्षत्र
भरणी
योग
आयुष्मान
सूर्योदय
५:०१ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०५ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

शुक्रवार, ७ मई २०२७

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा

नक्षत्र
कृत्तिका
योग
सौभाग्य
सूर्योदय
५:०० पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०६ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

शनिवार, ८ मई २०२७

शुक्ल पक्ष द्वितीया

नक्षत्र
रोहिणी
योग
शोभन
सूर्योदय
४:५९ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०६ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

रविवार, ९ मई २०२७

शुक्ल पक्ष तृतीया

  • अक्षय तृतीयात्योहार
नक्षत्र
मृगशिरा
योग
सुकर्मा
सूर्योदय
४:५९ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०६ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

सोमवार, १० मई २०२७

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

नक्षत्र
आर्द्रा
योग
धृति
सूर्योदय
४:५८ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०७ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

मंगलवार, ११ मई २०२७

शुक्ल पक्ष षष्ठी

नक्षत्र
पुनर्वसु
योग
शूल
सूर्योदय
४:५८ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०७ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

बुधवार, १२ मई २०२७

शुक्ल पक्ष सप्तमी

नक्षत्र
पुष्य
योग
गंड
सूर्योदय
४:५७ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०८ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

गुरुवार, १३ मई २०२७

शुक्ल पक्ष अष्टमी

नक्षत्र
अश्लेषा
योग
वृद्धि
सूर्योदय
४:५७ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०८ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

शुक्रवार, १४ मई २०२७

शुक्ल पक्ष नवमी

नक्षत्र
मघा
योग
ध्रुव
सूर्योदय
४:५६ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०९ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →

शनिवार, १५ मई २०२७

शुक्ल पक्ष दशमी

नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी
योग
व्याघात
सूर्योदय
४:५६ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
६:०९ अपराह्न
इस दिन का संपूर्ण पंचांग →
  • त्योहार
  • संक्रांति
  • व्रत / उपवास
  • पूर्णिमा / अमावस्या

बैशाख (वैशाख) के त्योहार

इस बंगाली महीने में आने वाले प्रमुख त्योहार। तिथियां भारत-व्यापी संदर्भ हैं, क्षेत्रीय पंचांगों में एक दिन का अंतर हो सकता है।

बैशाख (वैशाख) के व्रत और पर्व

एकादशी, प्रदोष, संकष्टी, पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति और ग्रहण: कोलकाता के लिए सूर्योदय-व्यापिनी तिथि पर आधारित।

  • Mesha Sankrantiगुरु 15 अप्रै
    संक्रांतिसूर्य का Aries में प्रवेश · 3:28 PM
  • Shukla Ekadashiशनि 17 अप्रै
    व्रतशुक्ल पक्ष · Chaitra
  • Shukla Pradoshसोम 19 अप्रै
    व्रतशुक्ल पक्ष · Chaitra
  • Purnimaमंगल 20 अप्रै
    चंद्रChaitra (पूर्णिमांत)
  • Sankashti Chaturthiशनि 24 अप्रै
    व्रतकृष्ण पक्ष · Chaitra
  • Sankashti Chaturthiरवि 25 अप्रै
    व्रतकृष्ण पक्ष · Chaitra
  • Krishna Ekadashiरवि 2 मई
    व्रतकृष्ण पक्ष · Chaitra
  • Krishna Pradoshमंगल 4 मई
    व्रतकृष्ण पक्ष · Chaitra
  • Masik Shivratriबुध 5 मई
    व्रतकृष्ण पक्ष · Chaitra
  • Amavasyaगुरु 6 मई
    चंद्रVaishakha (पूर्णिमांत)

बंगाली के महीने

सभी बारह महीने, क्रमवार, उनके सामान्य अंग्रेजी महीनों के साथ।

  • बैशाख (वैशाख)अप्रैल–मई

    पोइला बैशाख से वर्ष और नई बही का आरंभ।

  • ज्यैष्ठ (ज्येष्ठ)मई–जून

    जमाई षष्ठी में दामाद का सम्मान होता है।

  • आषाढ़जून–जुलाई

    वर्षा के साथ रथ यात्रा निकलती है।

  • श्रावणजुलाई–अगस्त

    भगवान शिव को समर्पित श्रावण सोमवारों का मास।

  • भाद्रपदअगस्त–सितंबर

    जन्माष्टमी और विश्वकर्मा पूजा का मास।

  • आश्विनसितंबर–अक्टूबर

    वर्ष के महान उत्सव दुर्गा पूजा का मास।

  • कार्तिकअक्टूबर–नवंबर

    काली पूजा और जगद्धात्री पूजा का मास।

  • अग्रहायणनवंबर–दिसंबर

    नई धान की फसल के नबन्न उत्सव का मास।

  • पौषदिसंबर–जनवरी

    पौष संक्रांति और पिठे-पुलि मिठाइयों का मास।

  • माघजनवरी–फ़रवरी

    वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का मास।

  • Falgunफ़रवरी–मार्च

    डोल पूर्णिमा के रंगों का मास।

  • चैत्रमार्च–अप्रैल

    चैत्र संक्रांति और गाजन से वर्ष समाप्त होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बंगाली कैलेंडर सौर है या चंद्र?

सौर। बैशाख से चैत्र तक के मास सूर्य की बारह निरयन राशियाँ हैं, इसलिए प्रत्येक मास संक्रांति से आरंभ होकर 29 से 32 दिन चलता है। पूजा और व्रतों के लिए हर दिन की चंद्र तिथि भी दिखाई जाती है।

बंगाल में मास के पहले दिन का नियम क्या है?

मास संक्रांति की नागरिक तिथि के अगले दिन आरंभ होता है, समय चाहे जो हो। इसलिए 2026 में मेष संक्रांति 14 अप्रैल को होने पर पोइला बैशाख 15 अप्रैल को है।

बंगाली मास तमिल मास से एक दिन बाद क्यों आरंभ हो सकता है?

तमिल नियम सूर्यास्त से पहले हुई संक्रांति के दिन को नए मास में रखता है, जबकि बंगाल हमेशा अगले दिन से नया मास आरंभ करता है। संक्रांति समान है, केवल शास्त्रीय दिन-निर्धारण अलग है।

बंगाली सन की वर्ष संख्या क्यों नहीं दिखाई जाती?

हमारा इंजन बंगाब्द की गणना नहीं करता और साइट ऐसी संख्या नहीं दिखाती जिसे वह सिद्ध न कर सके। यहाँ गणना किए गए विक्रम और शक वर्ष, मास-नाम और ग्रेगोरियन तिथियाँ ही दिखाई जाती हैं।

क्षेत्रीय कैलेंडर

एक ही आकाश को अलग-अलग मास और दिन-निर्धारण पद्धतियों में प्रस्तुत किया जाता है। जिस कैलेंडर-परंपरा को आप देखना चाहते हैं, उसे स्पष्ट रूप से चुनें।

आगे क्या देखें

यह पंचांग आज इस शहर में सभी के लिए एक समान है। तीन बातें जो यह आपको नहीं बता सकता, वे केवल आपकी व्यक्तिगत कुंडली से तय होती हैं:

  • मेरी अपनी कुंडली वास्तव में क्या कहती है?

    अपनी कुंडली बनाएं और पहला फलादेश निःशुल्क पढ़ें, इसे देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है।

    अपनी निःशुल्क कुंडली और फलादेश प्राप्त करें
  • इनमें से कौन सी तिथि हमारे विवाह के लिए उपयुक्त है?

    विवाह मुहूर्त रिपोर्ट दोनों कुंडलियों के संदर्भ में पंचांग का विश्लेषण करती है, वर-वधू के लिए ताराबल, चंद्रबल और वर्तमान दशा, न कि केवल सामान्य दिन का विचार।

    विवाह मुहूर्त रिपोर्ट देखें
  • मेरे लिए इसका क्या अर्थ है?

    याना आपकी गणना की गई कुंडली के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देती है। उत्तर सशुल्क हैं, पैक के अनुसार मूल्य निर्धारित है और कोई सदस्यता नहीं है।

    देखें कि याना से प्रश्न पूछने का क्या शुल्क है