बंगाली कैलेंडर · कोलकाता
बंगाली कैलेंडर — भाद्रपद २०२६
यह कोलकाता के अनुसार गणना की गई बंगाली पंजिका है। भारत के पूर्वी महानगर में उसी घड़ी पर सूर्य देश के अधिकांश भाग से पहले उदित होता है। इसके मास सौर हैं और बंगाल संक्रांति का दिन पुराने मास को देकर नया मास अगले दिन आरंभ करता है।
भाद्रपद १८ अगस्त – १७ सितंबर २०२६ तक चलता है — सौर (संक्रांति से संक्रांति) मास। जन्माष्टमी और विश्वकर्मा पूजा का मास। समय की गणना कोलकाता के लिए की गई है; तिथि और मास पूरे भारत में समान रहते हैं। ऋतु: वर्षा।
मंगलवार, १८ अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष षष्ठी
- सिंह संक्रांतिसंक्रांति
- नक्षत्र
- स्वाति
- योग
- शुक्ल
- सूर्योदय
- ५:१४ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०६ अपराह्न
बुधवार, १९ अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र
- स्वाति
- योग
- ब्रह्म
- सूर्योदय
- ५:१४ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०५ अपराह्न
गुरुवार, २० अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र
- विशाखा
- योग
- इंद्र
- सूर्योदय
- ५:१५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०४ अपराह्न
शुक्रवार, २१ अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष नवमी
- नक्षत्र
- अनुराधा
- योग
- वैधृति
- सूर्योदय
- ५:१५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०३ अपराह्न
शनिवार, २२ अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष दशमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा
- योग
- वैधृति
- सूर्योदय
- ५:१५ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०३ अपराह्न
रविवार, २३ अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष एकादशी
- श्रावण पुत्रदा एकादशीत्योहार
- Shukla एकादशीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- मूल
- योग
- विष्कंभ
- सूर्योदय
- ५:१६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०२ अपराह्न
सोमवार, २४ अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष द्वादशी
- श्रावण सोमवारव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा
- योग
- प्रीति
- सूर्योदय
- ५:१६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०१ अपराह्न
मंगलवार, २५ अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- योग
- आयुष्मान
- सूर्योदय
- ५:१६ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ६:०० अपराह्न
बुधवार, २६ अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- ओणमत्योहार
- Shukla प्रदोषव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- श्रवण
- योग
- सौभाग्य
- सूर्योदय
- ५:१७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५९ अपराह्न
गुरुवार, २७ अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
- नक्षत्र
- धनिष्ठा
- योग
- शोभन
- सूर्योदय
- ५:१७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५८ अपराह्न
शुक्रवार, २८ अगस्त २०२६
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा · पूर्णिमा
- रक्षाबंधनत्योहार
- Chandra Grahan (चंद्र ग्रहण)ग्रहण
- पूर्णिमापूर्णिमा / अमावस्या
- नक्षत्र
- शतभिषा
- योग
- अतिगंड
- सूर्योदय
- ५:१७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५७ अपराह्न
शनिवार, २९ अगस्त २०२६
कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपद
- योग
- सुकर्मा
- सूर्योदय
- ५:१७ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५६ अपराह्न
रविवार, ३० अगस्त २०२६
कृष्ण पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- योग
- धृति
- सूर्योदय
- ५:१८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५५ अपराह्न
सोमवार, ३१ अगस्त २०२६
कृष्ण पक्ष तृतीया
- श्रावण सोमवारव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- रेवती
- योग
- गंड
- सूर्योदय
- ५:१८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५४ अपराह्न
मंगलवार, १ सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष चतुर्थी
- संकष्टी चतुर्थीव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- अश्विनी
- योग
- वृद्धि
- सूर्योदय
- ५:१८ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५४ अपराह्न
बुधवार, २ सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र
- भरणी
- योग
- ध्रुव
- सूर्योदय
- ५:१९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५३ अपराह्न
गुरुवार, ३ सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र
- कृत्तिका
- योग
- व्याघात
- सूर्योदय
- ५:१९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५२ अपराह्न
शुक्रवार, ४ सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष अष्टमी
- कृष्ण जन्माष्टमीत्योहार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- योग
- हर्षण
- सूर्योदय
- ५:१९ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५१ अपराह्न
शनिवार, ५ सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष नवमी
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- योग
- वज्र
- सूर्योदय
- ५:२० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:५० अपराह्न
रविवार, ६ सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र
- आर्द्रा
- योग
- सिद्धि
- सूर्योदय
- ५:२० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४९ अपराह्न
सोमवार, ७ सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष एकादशी
- अजा एकादशीत्योहार
- Krishna एकादशीव्रत / उपवास
- श्रावण सोमवारव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- पुनर्वसु
- योग
- व्यतीपात
- सूर्योदय
- ५:२० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४८ अपराह्न
मंगलवार, ८ सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र
- पुष्य
- योग
- परिघ
- सूर्योदय
- ५:२० पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४७ अपराह्न
बुधवार, ९ सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- Krishna प्रदोषव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- अश्लेषा
- योग
- शिव
- सूर्योदय
- ५:२१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४६ अपराह्न
गुरुवार, १० सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
- Masik Shivratriव्रत / उपवास
- नक्षत्र
- मघा
- योग
- सिद्ध
- सूर्योदय
- ५:२१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४५ अपराह्न
शुक्रवार, ११ सितंबर २०२६
कृष्ण पक्ष अमावस्या · अमावस्या
- अमावस्यापूर्णिमा / अमावस्या
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी
- योग
- साध्य
- सूर्योदय
- ५:२१ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४४ अपराह्न
शनिवार, १२ सितंबर २०२६
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी
- योग
- शुभ
- सूर्योदय
- ५:२२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४३ अपराह्न
रविवार, १३ सितंबर २०२६
शुक्ल पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र
- हस्त
- योग
- शुक्ल
- सूर्योदय
- ५:२२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४२ अपराह्न
सोमवार, १४ सितंबर २०२६
शुक्ल पक्ष तृतीया
- हरतालिका तीजत्योहार
- गणेश चतुर्थीत्योहार
- नक्षत्र
- चित्रा
- योग
- ब्रह्म
- सूर्योदय
- ५:२२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४१ अपराह्न
मंगलवार, १५ सितंबर २०२६
शुक्ल पक्ष चतुर्थी
- नक्षत्र
- स्वाति
- योग
- इंद्र
- सूर्योदय
- ५:२२ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:४० अपराह्न
बुधवार, १६ सितंबर २०२६
शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र
- विशाखा
- योग
- वैधृति
- सूर्योदय
- ५:२३ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:३९ अपराह्न
गुरुवार, १७ सितंबर २०२६
शुक्ल पक्ष षष्ठी
- विश्वकर्मा पूजात्योहार
- नक्षत्र
- अनुराधा
- योग
- विष्कंभ
- सूर्योदय
- ५:२३ पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- ५:३८ अपराह्न
- संक्रांति
- त्योहार
- व्रत / उपवास
- ग्रहण
- पूर्णिमा / अमावस्या
भाद्रपद के त्योहार
इस बंगाली महीने में आने वाले प्रमुख त्योहार। तिथियां भारत-व्यापी संदर्भ हैं, क्षेत्रीय पंचांगों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
- श्रावण पुत्रदा एकादशीरवि 23 अगविष्णु को पवित्र धागा अर्पण
- ओणमबुध 26 अगकेरल का फसल उत्सव और घर वापसी
- रक्षाबंधनशुक्र 28 अगबहन और भाई का अटूट बंधन
- कृष्ण जन्माष्टमीशुक्र 4 सितंभगवान कृष्ण का जन्म
- अजा एकादशीसोम 7 सितंसब कुछ खो देने वाले राजा का उपवास
- हरतालिका तीजसोम 14 सितंशिव और पार्वती के प्रति एक संकल्प
- गणेश चतुर्थीसोम 14 सितंभगवान गणेश का जन्म
- विश्वकर्मा पूजागुरु 17 सितंदिव्य शिल्पकार का दिन
भाद्रपद के व्रत और पर्व
एकादशी, प्रदोष, संकष्टी, पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति और ग्रहण: कोलकाता के लिए सूर्योदय-व्यापिनी तिथि पर आधारित।
- Simha Sankrantiमंगल 18 अगसंक्रांतिसूर्य का Leo में प्रवेश · 7:58 AM
- Shukla Ekadashiरवि 23 अगव्रतशुक्ल पक्ष · Shravana
- Shravana Somwarसोम 24 अगव्रतShravana
- Shukla Pradoshबुध 26 अगव्रतशुक्ल पक्ष · Shravana
- Chandra Grahan (Lunar Eclipse)शुक्र 28 अगग्रहणPartial · यहाँ अदृश्य
- Purnimaशुक्र 28 अगचंद्रShravana (पूर्णिमांत)
- Shravana Somwarसोम 31 अगव्रतShravana
- Sankashti Chaturthiमंगल 1 सितंव्रतकृष्ण पक्ष · Shravana
- Krishna Ekadashiसोम 7 सितंव्रतकृष्ण पक्ष · Shravana
- Shravana Somwarसोम 7 सितंव्रतShravana
- Krishna Pradoshबुध 9 सितंव्रतकृष्ण पक्ष · Shravana
- Masik Shivratriगुरु 10 सितंव्रतकृष्ण पक्ष · Shravana
- Amavasyaशुक्र 11 सितंचंद्रBhadrapada (पूर्णिमांत)
बंगाली के महीने
सभी बारह महीने, क्रमवार, उनके सामान्य अंग्रेजी महीनों के साथ।
- बैशाख (वैशाख)अप्रैल–मई
पोइला बैशाख से वर्ष और नई बही का आरंभ।
- ज्यैष्ठ (ज्येष्ठ)मई–जून
जमाई षष्ठी में दामाद का सम्मान होता है।
- आषाढ़जून–जुलाई
वर्षा के साथ रथ यात्रा निकलती है।
- श्रावणजुलाई–अगस्त
भगवान शिव को समर्पित श्रावण सोमवारों का मास।
- भाद्रपदअगस्त–सितंबर
जन्माष्टमी और विश्वकर्मा पूजा का मास।
- आश्विनसितंबर–अक्टूबर
वर्ष के महान उत्सव दुर्गा पूजा का मास।
- कार्तिकअक्टूबर–नवंबर
काली पूजा और जगद्धात्री पूजा का मास।
- अग्रहायणनवंबर–दिसंबर
नई धान की फसल के नबन्न उत्सव का मास।
- पौषदिसंबर–जनवरी
पौष संक्रांति और पिठे-पुलि मिठाइयों का मास।
- माघजनवरी–फ़रवरी
वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का मास।
- Falgunफ़रवरी–मार्च
डोल पूर्णिमा के रंगों का मास।
- चैत्रमार्च–अप्रैल
चैत्र संक्रांति और गाजन से वर्ष समाप्त होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
बंगाली कैलेंडर सौर है या चंद्र?
सौर। बैशाख से चैत्र तक के मास सूर्य की बारह निरयन राशियाँ हैं, इसलिए प्रत्येक मास संक्रांति से आरंभ होकर 29 से 32 दिन चलता है। पूजा और व्रतों के लिए हर दिन की चंद्र तिथि भी दिखाई जाती है।
बंगाल में मास के पहले दिन का नियम क्या है?
मास संक्रांति की नागरिक तिथि के अगले दिन आरंभ होता है, समय चाहे जो हो। इसलिए 2026 में मेष संक्रांति 14 अप्रैल को होने पर पोइला बैशाख 15 अप्रैल को है।
बंगाली मास तमिल मास से एक दिन बाद क्यों आरंभ हो सकता है?
तमिल नियम सूर्यास्त से पहले हुई संक्रांति के दिन को नए मास में रखता है, जबकि बंगाल हमेशा अगले दिन से नया मास आरंभ करता है। संक्रांति समान है, केवल शास्त्रीय दिन-निर्धारण अलग है।
बंगाली सन की वर्ष संख्या क्यों नहीं दिखाई जाती?
हमारा इंजन बंगाब्द की गणना नहीं करता और साइट ऐसी संख्या नहीं दिखाती जिसे वह सिद्ध न कर सके। यहाँ गणना किए गए विक्रम और शक वर्ष, मास-नाम और ग्रेगोरियन तिथियाँ ही दिखाई जाती हैं।
क्षेत्रीय कैलेंडर
एक ही आकाश को अलग-अलग मास और दिन-निर्धारण पद्धतियों में प्रस्तुत किया जाता है। जिस कैलेंडर-परंपरा को आप देखना चाहते हैं, उसे स्पष्ट रूप से चुनें।
आगे क्या देखें
यह पंचांग आज इस शहर में सभी के लिए एक समान है। तीन बातें जो यह आपको नहीं बता सकता, वे केवल आपकी व्यक्तिगत कुंडली से तय होती हैं:
मेरी अपनी कुंडली वास्तव में क्या कहती है?
अपनी कुंडली बनाएं और पहला फलादेश निःशुल्क पढ़ें, इसे देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है।
अपनी निःशुल्क कुंडली और फलादेश प्राप्त करेंइनमें से कौन सी तिथि हमारे विवाह के लिए उपयुक्त है?
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट दोनों कुंडलियों के संदर्भ में पंचांग का विश्लेषण करती है, वर-वधू के लिए ताराबल, चंद्रबल और वर्तमान दशा, न कि केवल सामान्य दिन का विचार।
विवाह मुहूर्त रिपोर्ट देखेंमेरे लिए इसका क्या अर्थ है?
याना आपकी गणना की गई कुंडली के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देती है। उत्तर सशुल्क हैं, पैक के अनुसार मूल्य निर्धारित है और कोई सदस्यता नहीं है।
देखें कि याना से प्रश्न पूछने का क्या शुल्क है