अत्यंत शुभ मुहूर्त · उज्जैन
अमृत सिद्धि योग, आज का समय एवं आगामी तिथियाँ
अमृत सिद्धि योग — वार और नक्षत्र का वह दुर्लभ संयोग जो कार्यों में अमरत्व और सफलता देता है.
अमृत सिद्धि योग एक विशिष्ट वार और नक्षत्र के शुभ मिलन से बनता है। इस योग में किया गया कोई भी शुभ कार्य अमृत के समान फलदायी और चिरस्थायी माना जाता है।
वर्तमान में प्रभावी नहीं
नहीं: अमृत सिद्धि योग अभी नहीं चल रहा है।
- अगला कालखंड
- Wed 14 Oct 2026, 6:23 AM → Thu 15 Oct 2026, 4:03 AM
- आरंभ
- 6:23 AM · Wed 14 Oct 2026
उज्जैन के लिए समयबद्ध, पारंपरिक भारतीय संदर्भ। चंद्र कारक पूरे भारत में समान रहते हैं; केवल सूर्योदय-आधारित क्षण आपके स्थान के साथ बदलते हैं।
सात अमृत सिद्धि योग
- रविवार · रविवासर
- Hasta
- सोमवार · सोमवासर
- Mrigashira
- मंगलवार · मंगलवासर
- Ashwini
- बुधवार · बुधवासर
- Anuradha
- गुरुवार · गुरुवार
- Pushya
- शुक्रवार · शुक्रवासर
- Revati
- शनिवार · शनिवासर
- Rohini
अमृत सिद्धि योग कैसे बनता है?
रविवार को हस्त, सोमवार को मृगशिरा, मंगलवार को अश्विनी, बुधवार को अनुराधा, गुरुवार को पुष्य, शुक्रवार को रेवती और शनिवार को रोहिणी नक्षत्र होने पर अमृत सिद्धि योग बनता है।
सावधानियाँ एवं अपवाद
गुरुवार को पुष्य होने पर विवाह और मंगलवार को अश्विनी होने पर गृह प्रवेश वर्जित माना गया है, भले ही अमृत सिद्धि योग हो। अन्य सभी कार्यों के लिए यह योग अत्यंत शुभ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
अमृत सिद्धि योग में क्या करना शुभ होता है?
व्यापार आरंभ, संपत्ति या वाहन क्रय, अनुबंध, आभूषण क्रय और नवीन पदभार ग्रहण करना अत्यंत शुभ होता है।
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