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अश्विनी · 27 में से नक्षत्र 1

अश्विनी नक्षत्र

अश्विनी पहला नक्षत्र है, जो मेष राशि के प्रारंभिक 13°20′ में विस्तृत है और इसके स्वामी केतु हैं। घोड़े के सिर द्वारा प्रतीकित और जुड़वां अश्विनी कुमारों द्वारा अधिष्ठित, यह गति, उपचार, नई शुरुआत और अग्रणी ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। इस नक्षत्र में जन्मे जातक प्रायः फुर्तीले, स्वतंत्र और नए कार्यों को प्रारंभ करने में तत्पर होते हैं।

स्वामी ग्रह
केतु
प्रतीक
अश्व (घोड़े) का सिर
अधिष्ठाता देवता
अश्विनी कुमार (देवताओं के दिव्य वैद्य)
राशि विस्तार
0°00′–13°20′ मेष
गण
देव गण

अश्विनी नक्षत्र के स्वभाव एवं विशेषताएं

  • फुर्तीले, ऊर्जावान और नए कार्यों में अग्रणी
  • उपचार और सेवा की स्वाभाविक प्रवृत्ति
  • स्वावलंबी और स्वतंत्र विचारक
  • नई शुरुआत और नवाचार के लिए सदा उत्सुक

सकारात्मक शक्तियां

त्वरित निर्णय लेने, उपचारात्मक क्षमता और नई शुरुआत करने का अद्भुत सामर्थ्य, आशावादी, सहयोगी और सदैव क्रियाशील।

सुधार एवं विकास के क्षेत्र

अत्यधिक गति कभी-कभी अधीरता या कार्यों को अधूरा छोड़ने का कारण बन सकती है; निरंतरता और धैर्य इसके प्रमुख सबक हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अश्विनी नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?

केतु अश्विनी नक्षत्र के स्वामी (विंशोत्तरी दशा स्वामी) हैं, जिसका राशि विस्तार 0°00′–13°20′ मेष है।

अश्विनी नक्षत्र का प्रतीक और देवता क्या हैं?

अश्विनी नक्षत्र का प्रतीक अश्व (घोड़े) का सिर है, और इसके अधिष्ठाता देवता अश्विनी कुमार (देवताओं के दिव्य वैद्य) हैं।

मुझे कैसे पता चलेगा कि अश्विनी मेरा जन्म नक्षत्र है?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है। अपना सटीक जन्म नक्षत्र जानने के लिए हमारे निःशुल्क वैदिक स्नैपशॉट में अपना जन्म विवरण दर्ज करें।

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