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श्रावण शुक्ल तृतीया

हरियाली तीज

श्रावण तीज के नाम से भी जाना जाता है

हरियाली तीज (“हरी तीज”) मानसून की हरियाली का स्वागत करती है और शिव व पार्वती के पुनर्मिलन का उत्सव मनाती है। यह महिलाओं द्वारा, विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में, श्रावण शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है।

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2026

शनिवार, 15 अगस्त 2026

2027

बुधवार, 4 अगस्त 2027

दिन पर एक नज़र

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महत्व

शिव को पाने के लिए पार्वती की लंबी तपस्या दांपत्य में समर्पण का आदर्श है। इस मौसम की बारिश से धुली हरियाली नवजीवन और उर्वरता का प्रतीक है।

हरियाली तीज कैसे मनाया जाता है

महिलाएं हरे वस्त्र पहनती हैं, मेहंदी लगाती हैं, गीत गाती हैं और पेड़ों पर लगे फूलों से सजे झूलों पर झूलती हैं, तथा वैवाहिक सुख के लिए व्रत रखती हैं। नवविवाहित बेटियों का प्रायः उपहारों (सिंधारा) के साथ मायके में स्वागत किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इसे “हरियाली” तीज क्यों कहा जाता है?

यह हरे-भरे मानसून में पड़ती है, और हरा रंग (जिसे पहना और सजाया जाता है) इस पर्व का नवजीवन का रंग है।

यह त्योहार किसका उत्सव मनाता है?

पार्वती और शिव के पुनर्मिलन तथा पत्नी की निष्ठा का; महिलाएं इसे वैवाहिक सुख के लिए रखती हैं।

झूलों का क्या संबंध है?

पेड़ों से लटके सजे हुए झूले तीज की पहचान हैं। महिलाएं एक साथ झूलती हैं और सावन के गीत गाती हैं।

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